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जमालपुर स्टेशन से अगवा 2 साल का मासूम 16 घंटे में बरामद, डेढ़ लाख में बेचने की थी साजिश; तीन तस्कर गिरफ्तार
Sun, 05 Jul 2026 07:46 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 07:46 PM IST
सार
Bihar News: जमालपुर रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए दो वर्षीय मासूम को आरपीएफ और जीआरपी ने महज 16 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे को पटना में डेढ़ लाख रुपये में बेचने की साजिश थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चों की तस्करी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
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पुलिस हिरासत में तीनों आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमालपुर रेलवे स्टेशन से अपहृत दो वर्षीय मासूम आदर्श कुमार को रेल सुरक्षा बल और राजकीय रेल थाना की संयुक्त टीम ने महज 16 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चे को पटना में बेचने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
दादी के पास सो रहा था मासूम, शातिर उठाकर ट्रेन में चढ़ा
जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई को खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के बैसा गांव निवासी कारी देवी अपने दो वर्षीय पोते आदर्श कुमार का इलाज कराने जमालपुर आई थीं। इलाज के बाद प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर बच्चा अपनी दादी के पास सो रहा था। इसी दौरान एक शातिर बदमाश उसे उठाकर फरक्का एक्सप्रेस में सवार होकर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही RPF निरीक्षक सुधांशु कुमार सुधा के नेतृत्व में टीम ने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी बच्चे को प्लेटफॉर्म से उठाकर ट्रेन के एस-5 कोच की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया।
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चलती ट्रेन से मासूम बरामद, पहला आरोपी दबोचा गया
तत्काल ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट टीम को सूचना दी गई। तलाशी के दौरान जनरल कोच से बच्चे को सकुशल बरामद कर आरोपी मोहम्मद टीपू उर्फ अहसान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बच्चे को पटना निवासी बबलू कुमार को बेचने ले जा रहा था। मोबाइल कॉल डिटेल की जांच में बबलू कुमार और राजेश कुमार की संलिप्तता सामने आई।
डेढ़ लाख में तय हुआ था सौदा, करोड़ों का नहीं बल्कि बच्चों की तस्करी का नेटवर्क
इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने पटना के नदी थाना क्षेत्र में जाल बिछाकर बबलू कुमार और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि बच्चे का सौदा 1.50 लाख रुपये में तय हुआ था।
यह भी पढ़ें: 'रामविलास पासवान को मिले भारत रत्न', LJP(R) ने उठाई बड़ी मांग, झारखंड में संगठन विस्तार का भी एलान
मुख्य आरोपी बबलू कुमार ने खुलासा किया कि वह बेरोजगार होने के बाद अपने भाई संतोष कुमार और अन्य साथियों के सहयोग से संतानहीन दंपतियों को 5 से 6 लाख रुपये में बच्चों की अवैध बिक्री का गिरोह चला रहा था, जबकि राजेश कुमार एजेंट की भूमिका निभाता था।
मोबाइल से मिले बड़े सुराग, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनमें बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। बरामद बच्चे का सदर अस्पताल, मुंगेर में चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया। वहीं गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी, जमालपुर के हवाले कर दिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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दादी के पास सो रहा था मासूम, शातिर उठाकर ट्रेन में चढ़ा
जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई को खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के बैसा गांव निवासी कारी देवी अपने दो वर्षीय पोते आदर्श कुमार का इलाज कराने जमालपुर आई थीं। इलाज के बाद प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर बच्चा अपनी दादी के पास सो रहा था। इसी दौरान एक शातिर बदमाश उसे उठाकर फरक्का एक्सप्रेस में सवार होकर फरार हो गया।
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घटना की सूचना मिलते ही RPF निरीक्षक सुधांशु कुमार सुधा के नेतृत्व में टीम ने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी बच्चे को प्लेटफॉर्म से उठाकर ट्रेन के एस-5 कोच की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया।
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चलती ट्रेन से मासूम बरामद, पहला आरोपी दबोचा गया
तत्काल ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट टीम को सूचना दी गई। तलाशी के दौरान जनरल कोच से बच्चे को सकुशल बरामद कर आरोपी मोहम्मद टीपू उर्फ अहसान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बच्चे को पटना निवासी बबलू कुमार को बेचने ले जा रहा था। मोबाइल कॉल डिटेल की जांच में बबलू कुमार और राजेश कुमार की संलिप्तता सामने आई।
डेढ़ लाख में तय हुआ था सौदा, करोड़ों का नहीं बल्कि बच्चों की तस्करी का नेटवर्क
इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने पटना के नदी थाना क्षेत्र में जाल बिछाकर बबलू कुमार और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि बच्चे का सौदा 1.50 लाख रुपये में तय हुआ था।
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मुख्य आरोपी बबलू कुमार ने खुलासा किया कि वह बेरोजगार होने के बाद अपने भाई संतोष कुमार और अन्य साथियों के सहयोग से संतानहीन दंपतियों को 5 से 6 लाख रुपये में बच्चों की अवैध बिक्री का गिरोह चला रहा था, जबकि राजेश कुमार एजेंट की भूमिका निभाता था।
मोबाइल से मिले बड़े सुराग, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनमें बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। बरामद बच्चे का सदर अस्पताल, मुंगेर में चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया। वहीं गिरफ्तार तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी, जमालपुर के हवाले कर दिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।