Bihar Cabinet: सम्राट की कैबिनेट में जमुई का जलवा, गिद्धौर के दो विधायक बने मंत्री; श्रेयसी और दामोदर चमके
बिहार सरकार के कैबिनेट विस्तार में जमुई जिले को बड़ी पहचान मिली। विधायक श्रेयसी सिंह और दामोदर रावत ने मंत्री पद की शपथ ली। एक ही गांव के दो नेताओं के मंत्री बनने पर जिलेभर में जश्न और गौरव का माहौल है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में बिहार की राजनीति का एक नया अध्याय लिखा गया। सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में जमुई जिले के दो प्रमुख चेहरों भाजपा विधायक एवं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह और जदयू के वरिष्ठ नेता दामोदर रावत को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। राज्यपाल ने दोनों नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत एनडीए गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
समारोह में जमुई और गिद्धौर से पहुंचे समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी कर खुशी जताई। दोनों नेताओं के मंत्री बनने की खबर मिलते ही जिलेभर में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।
सम्राट चौधरी कैबिनेट की सबसे खास बात यह रही कि गिद्धौर ने बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। पहली बार ऐसा हुआ है जब एक ही गांव के दो विधायक एक साथ राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं। खास बात यह भी है कि जमुई विधायक श्रेयसी सिंह और झाझा विधायक दामोदर रावत के घर आमने-सामने बताए जाते हैं। इसी वजह से गिद्धौर अब पूरे बिहार में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।
श्रेयसी सिंह पहले भी मंत्री रह चुकी हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उन्हें खेल और आईटी विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज और गोल्ड मेडलिस्ट श्रेयसी सिंह की पहचान राजनीति के साथ-साथ खेल जगत में भी मजबूत रही है। समर्थकों का मानना है कि मंत्री बनने के बाद वे जिले में खेल, शिक्षा और आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा देंगी।
पढ़ें: न विधायक और न ही विधान परिषद, फिर भी वैशाली के लाल ने ली मंत्री पद की शपथ; मंच पर चर्चा में आए
वहीं, झाझा विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुके दामोदर रावत का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा और मजबूत माना जाता है। उन्होंने पहली बार वर्ष 2000 में समता पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद लगातार कई चुनावों में जीत हासिल कर उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे वर्ष 2007 और 2010 में भी मंत्री पद संभाल चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री के प्रति उनकी निष्ठा, संगठन में सक्रिय भूमिका और लंबे अनुभव के कारण उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
सम्राट चौधरी सरकार के इस कैबिनेट विस्तार में भाजपा, जदयू, लोजपा (आरवी), रालोमो और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिलाकर अब बिहार मंत्रिमंडल में कुल 35 मंत्री हो गए हैं। जमुई जिले के लिए यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि सम्मान और गौरव का क्षण माना जा रहा है। एक ओर खेल जगत से निकली युवा नेता श्रेयसी सिंह हैं, तो दूसरी ओर लंबे राजनीतिक अनुभव वाले दामोदर रावत। दोनों नेताओं की मौजूदगी से जिले के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।