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Bihar News: थाना में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, सरकारी चालक को 12 हजार रुपये घूस लेते निगरानी विभाग ने दबोचा
Tue, 02 Jun 2026 07:03 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:03 PM IST
सार
Jamui News : झाझा थाना में पदस्थापित सरकारी चालक जितेंद्र कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद अवैध बालू उठाव और परिवहन के नाम पर हो रही कथित वसूली का मामला चर्चा में आ गया है।
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रिश्वतखोरी पर हुई कार्रवाई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमुई जिले के झाझा थाना में पदस्थापित सरकारी चालक जितेंद्र कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
निगरानी विभाग की टीम गिरफ्तार चालक से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवैध बालू उठाव और परिवहन के नाम पर ट्रैक्टर चालकों तथा बालू कारोबारियों से कथित रूप से प्रतिदिन हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी।
निगरानी विभाग ने जाल बिछाया
इसी मामले से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने जांच शुरू की और सत्यापन के उपरांत योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए सरकारी चालक को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार चालक जितेंद्र कुमार थाना से जुड़े कुछ कार्यों के लिए राशि की मांग कर रहा था। शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया और निर्धारित स्थान पर 12 हजार रुपये लेते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम उसे अपने साथ लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई।
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विभाग में चर्चा का विषय बना यह पूरा मामला
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी के मौके से फरार होने की चर्चा भी क्षेत्र में तेजी से फैल गई है। हालांकि इस संबंध में किसी अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बावजूद इसके, घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। निगरानी विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि अवैध वसूली का यह कथित नेटवर्क कितने दिनों से संचालित हो रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
ये भी पढ़ें- Bihar News: राबड़ी आवास विवाद पर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा हमला, बोले- सरकारी बंगला किसी की जागीर नहीं
विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना के बाद जिले में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों पर निगरानी विभाग की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।
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निगरानी विभाग की टीम गिरफ्तार चालक से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवैध बालू उठाव और परिवहन के नाम पर ट्रैक्टर चालकों तथा बालू कारोबारियों से कथित रूप से प्रतिदिन हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी।
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निगरानी विभाग ने जाल बिछाया
इसी मामले से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने जांच शुरू की और सत्यापन के उपरांत योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए सरकारी चालक को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार चालक जितेंद्र कुमार थाना से जुड़े कुछ कार्यों के लिए राशि की मांग कर रहा था। शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया और निर्धारित स्थान पर 12 हजार रुपये लेते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम उसे अपने साथ लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई।
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विभाग में चर्चा का विषय बना यह पूरा मामला
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी के मौके से फरार होने की चर्चा भी क्षेत्र में तेजी से फैल गई है। हालांकि इस संबंध में किसी अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बावजूद इसके, घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। निगरानी विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि अवैध वसूली का यह कथित नेटवर्क कितने दिनों से संचालित हो रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना के बाद जिले में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों पर निगरानी विभाग की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।