बिहार न्यूज: दो बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा खगड़िया? डीएम ने भेजा कनेक्टिविटी का प्रस्ताव
बिहार के खगड़िया को बक्सर-भागलपुर छह लेन और पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने कनेक्टर, स्पर या इंटरचेंज के जरिए दोनों एक्सप्रेसवे से जिले को जोड़ने का प्रस्ताव पथ निर्माण विभाग को भेजा है।
विस्तार
बिहार के खगड़िया जिले को दो प्रमुख ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बक्सर-भागलपुर छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से खगड़िया को जोड़ने के लिए पथ निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इसमें कनेक्टर, स्पर या इंटरचेंज के जरिए जिले को दोनों एक्सप्रेसवे से जोड़ने के विकल्प सुझाए गए हैं। इसका मकसद जिले में तेज और बेहतर सड़क संपर्क बढ़ाने के साथ कृषि, उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को गति देना है।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे से जोड़ने के कई विकल्प
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे से खगड़िया को जोड़ने के लिए प्रस्ताव में कई विकल्प रखे गए हैं। इनमें एसएच-80 के जरिए मोकामा-सिमरिया-खगड़िया मार्ग, सुल्तानगंज-अगुवानी-परबत्ता होते हुए खगड़िया और एसएच-55 के जरिए सिमरिया घाट क्षेत्र से खगड़िया तक संपर्क शामिल है। इन रास्तों के जरिए जिले को एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर खगड़िया से दूसरे प्रमुख शहरों और बाजारों तक सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। इससे लोगों और सामान की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से भी जोड़ने का प्रस्ताव
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से खगड़िया को जोड़ने के लिए भी कई विकल्प सुझाए गए हैं। प्रस्ताव में एसएच-55 के माध्यम से सिमरिया घाट क्षेत्र, कुशेश्वर स्थान और एसएच-95 व एनएच-107 के जरिए सहरसा क्षेत्र से संपर्क स्थापित करने की संभावनाएं बताई गई हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि दोनों एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर खगड़िया की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। खासकर कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने और उद्योगों के लिए कच्चे माल तथा तैयार उत्पादों की ढुलाई में सुविधा हो सकती है।
500 एकड़ जमीन पर उद्योग की संभावना
डीएम के प्रस्ताव में खगड़िया की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी प्रमुख आधार बनाया गया है। जिले में मक्का, डेयरी और मत्स्य उत्पादन की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की भी गुंजाइश है। गोगरी प्रखंड के पैकांत में करीब 500 एकड़ सरकारी जमीन औद्योगिक विकास के लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) को उपलब्ध कराई गई है। एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर इस क्षेत्र में उद्योग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रस्ताव में एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक सेटअप विकसित करने की संभावनाएं तलाशने की बात भी कही गई है। बेहतर सड़क संपर्क से कच्चे माल की आवाजाही और तैयार उत्पादों की ढुलाई आसान हो सकेगी। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य और अन्य उद्योगों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी होगी आसान
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर खगड़िया के पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ने की उम्मीद है। मां कात्यायनी धाम, अगुवानी गंगा घाट और परबत्ता क्षेत्र समेत जिले के अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो सकती है।
इससे बाहर से आने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित कारोबार और रोजगार की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलने पर खगड़िया के कृषि, उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्रों को एक साथ गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।