{"_id":"69bea21557160c8012070049","slug":"humanity-on-eid-munger-traffic-dsp-adopts-education-of-poor-girl-gets-her-admitted-to-school-munger-news-c-1-1-noi1377-4075351-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: एक नजर, एक फैसला… और बदल गई जिंदगी, DSP ने बदल दी मासूम की किस्मत, पढ़ाई का उठाया बीड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: एक नजर, एक फैसला… और बदल गई जिंदगी, DSP ने बदल दी मासूम की किस्मत, पढ़ाई का उठाया बीड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 09:21 PM IST
विज्ञापन
सार
मुंगेर के यातायात डीएसपी प्रभात रंजन ने ईद के दिन एक मिसाल पेश करते हुए गरीब मजदूर की दो वर्षीय बेटी की पढ़ाई का जिम्मा उठाया। ड्यूटी के दौरान बच्ची से मुलाकात के बाद उन्होंने उसकी आर्थिक स्थिति जानकर न सिर्फ स्कूल में दाखिला कराया, बल्कि खुद उसके पूरे शिक्षा खर्च उठाने की घोषणा की।
मुंगेर के डीएसपी ने मासूम बच्ची की पढ़ाई का उठाया जिम्मा
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
मुंगेर के यातायात डीएसपी प्रभात रंजन अपने कार्यों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा मानवीय कार्य किया है, जिसने पूरे जिले का दिल जीत लिया। ईद के दिन, जब अधिकांश लोग छुट्टी मना रहे थे, तब डीएसपी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ एक जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आए।
ड्यूटी के दौरान बच्ची पर पड़ी नजर
शनिवार सुबह कोतवाली चौक पर ड्यूटी के दौरान उनकी नजर करीब दो साल की मासूम बच्ची गुंजा कुमारी पर पड़ी, जो उन्हें लगातार देख रही थी। यह बच्ची किला परिसर में रहने वाले मजदूर श्रवण मांझी की पुत्री है। बच्ची की मासूमियत से प्रभावित होकर डीएसपी ने उसे अपने पास बुलाया और उसके लिए बिस्किट मंगवाया।
ये भी पढ़ें: गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में प्रसाद को लेकर विवाद, मारपीट में कई श्रद्धालु घायल
आर्थिक तंगी ने रोकी थी पढ़ाई
बातचीत के दौरान उन्होंने बच्ची के परिवार से उसकी पढ़ाई को लेकर सवाल किया। परिजनों ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कहा कि वे पढ़ाना तो चाहते हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में असमर्थ हैं। यह सुनकर डीएसपी ने उन्हें उसी दिन दोबारा मिलने के लिए बुलाया।
निर्धारित समय पर परिवार के पहुंचने पर डीएसपी उन्हें सरकारी वाहन से कर्णाक मोड़ स्थित एक निजी प्ले स्कूल ले गए। ईद के कारण स्कूल बंद था, लेकिन उन्होंने विद्यालय के निदेशक को बुलवाकर स्कूल खुलवाया और बच्ची के नामांकन की प्रक्रिया शुरू कराई।
खुद उठाया पढ़ाई का पूरा खर्च
जब परिजनों ने फीस देने में असमर्थता जताई, तो डीएसपी प्रभात रंजन ने खुद आगे बढ़कर पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की। उन्होंने तत्काल 2100 रुपये देकर नामांकन, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक खर्चों की व्यवस्था कराई। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि आगे की फीस भी वे खुद जमा करेंगे।
Trending Videos
ड्यूटी के दौरान बच्ची पर पड़ी नजर
शनिवार सुबह कोतवाली चौक पर ड्यूटी के दौरान उनकी नजर करीब दो साल की मासूम बच्ची गुंजा कुमारी पर पड़ी, जो उन्हें लगातार देख रही थी। यह बच्ची किला परिसर में रहने वाले मजदूर श्रवण मांझी की पुत्री है। बच्ची की मासूमियत से प्रभावित होकर डीएसपी ने उसे अपने पास बुलाया और उसके लिए बिस्किट मंगवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में प्रसाद को लेकर विवाद, मारपीट में कई श्रद्धालु घायल
आर्थिक तंगी ने रोकी थी पढ़ाई
बातचीत के दौरान उन्होंने बच्ची के परिवार से उसकी पढ़ाई को लेकर सवाल किया। परिजनों ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कहा कि वे पढ़ाना तो चाहते हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में असमर्थ हैं। यह सुनकर डीएसपी ने उन्हें उसी दिन दोबारा मिलने के लिए बुलाया।
निर्धारित समय पर परिवार के पहुंचने पर डीएसपी उन्हें सरकारी वाहन से कर्णाक मोड़ स्थित एक निजी प्ले स्कूल ले गए। ईद के कारण स्कूल बंद था, लेकिन उन्होंने विद्यालय के निदेशक को बुलवाकर स्कूल खुलवाया और बच्ची के नामांकन की प्रक्रिया शुरू कराई।
खुद उठाया पढ़ाई का पूरा खर्च
जब परिजनों ने फीस देने में असमर्थता जताई, तो डीएसपी प्रभात रंजन ने खुद आगे बढ़कर पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की। उन्होंने तत्काल 2100 रुपये देकर नामांकन, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक खर्चों की व्यवस्था कराई। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि आगे की फीस भी वे खुद जमा करेंगे।