Bihar Politics: आज सभा कर नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा देंगे? नहीं दिया तो भाजपा के लिए फिर 'विश्राम'
Bihar CM: भाजपा परेशान है। नीतीश कुमार जब तक इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक वह अपना सीएम बना नहीं सकती। आज समृद्धि यात्रा का पटना में समापन कर बैठक के बाद अगर अगर वह इस्तीफा देते हैं तो नवमी-दशमी को शपथ संभव है। वरना, 14 अप्रैल तक मुश्किल है।
विस्तार
बिहार के सियासी गलियारे में सबसे ज्यादा दो सवाल पूछे जा रहे हैं। पहला सवाल- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा कब देंगे? दूसरा- भाजपा किसे बनाएगी मुख्यमंत्री बनाएगी? दोनों सवाल इसलिए भी चर्चा में है कि सीएम नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर हैं। आज उनकी समृद्धि यात्रा का समापन हो रहा है। यात्रा के दौरान वह इस्तीफे की बात तक नहीं कह रहे हैं। चार अप्रैल तक मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यक्रम निर्धारित भी है। 27 मार्च को वह पटना में रामनवमी कार्यक्रम में शामिल होंगे। 31 मार्च को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के साथ शामिल होंगे। वहीं चार अप्रैल को मोतिहारी में उत्तर बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति के साथ शामिल होंगे।
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी कहते हैं कि सीएम नीतीश कुमार कब इस्तीफा देंगे? इसका जवाब नीतीश कुमार को छोड़कर कोई नहीं दे सकता है। हालांकि, जो हालात बन रहे हैं कि अप्रैल माह के पहले सप्ताह तक वह इस्तीफा दे सकते हैं। वह नियमों के तहत ही इस्तीफा देंगे। अब वह एक साफ सुथरा छवि नेता के रूप में जाने जाते हैं। इसलिए बिना किसी विवाद के समय सीमा के अंदर इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, 30 मार्च से पहले नीतीश के सीएम की कुर्सी छोड़ने की संभावना कम है। अब तक उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफ नहीं दिया है। नौ अप्रैल के बाद उन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करना है। लेकिन, अब तक सीएम नीतीश कुमार या उनकी पार्टी ने इस बारे में कोई बातचीत नहीं की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कोई संकेत नहीं दिया है।
वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में भी काफी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। भाजपा के वरिष्ठ नेता दिल्ली का चक्कर लगा रहे हैं। कुछ गृह मंत्री अमित शाह से तो कुछ भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मिल रहे हैं। भाजपा का थिंक टैंक बिहार के वरिष्ठ नेताओं को एक-एक कर दिल्ली बुलाकर उनसे राय ले रहा है। प्रदेश संजय सरावगी, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, प्रेम कुमार और कुछ सांसद दिल्ली दरबार में जाकर अपनी हाजिरी लगा चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को नागपुर भी जा चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष के बाद वह पहली बार नागपुर गए। उन्होंने संघ कार्यालय से एक तस्वीर भी साझा की थी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बंगाल जाकर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी पटना आ चुके हैं। हालांकि, वह रामनवमी को लेकर आए हैं। लेकिन, बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक भी कर रहे हैं।
भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है
इधर, सूत्रों की मानें तो अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ज्यादा समय देने के विचार में नहीं है। बिहार में इतिहास रचने के लिए वह खरमास के खत्म होने का इंतजार करे, यह भी शायद संभव नहीं हो। और, मौका है रामनवमी का तो तैयारी उसी हिसाब से हो रही है। जी हां, संभव है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने वाली पार्टी इस बार रामनवमी पर बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री की शपथ करा ले। इसके लिए अंदर तैयारी है और बाहर माहौल बनाया जाने लगा है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चौंकाने वाले नाम-काम से अलग भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्लानिंग कभी भी सामने आ सकती है।
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रोज चौंका रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भाजपा ने राज्यसभा जाने के लिए राजी कराया है, यह राज्य का बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन, अब यह भी लोग समझ रहे हैं कि मुख्यमंत्री भाजपा को संशय में डाल रहे हैं। इधर, उन्होंने राज्यसभा का नामांकन किया और उधर समृद्धि यात्रा पर निकल गए। राज्यसभा चुनाव के दिन पटना में रहे, लेकिन वोटिंग के दौरान विधानसभा का रुख भी नहीं किया। और तो और, अगले दिन फिर समृद्धि यात्रा पर बिहार के लोगों से मिलने निकल गए। अलग-अलग जिले घूम रहे हैं। इस दौरान वह यह तो बता रहे हैं कि आगे की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, लेकिन यह नहीं कह रहे हैं कि वह बिहार छोड़ने जा रहे हैं। आज भी उन्होंने नालंदा में जनसभा को संबोधित किया लेकिन बिहार छोड़ने को लेकर कोई मैसेज नहीं दिया।
भाजपा की प्लानिंग अब आएगी सामने
चैत्र नवरात्र शुरू हो चुका है। पहले बात चल रही थी कि 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास के बीच नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण नहीं होगा। लेकिन, अब भाजपा की तैयारी नवरात्र में ही अपने पहले मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने की है। बिहार भाजपा में नेताओं की चर्चा के दौरान अब भी रोज कई मुख्यमंत्री बन रहे हैं और हट रहे हैं, हालांकि नवरात्र का पहला दिन निकलते-निकलते यह कहा जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम चर्चा कर ली है। इसपर सर्व-सहमति की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि रामनवमी या उसके अगले दिन नई सरकार का शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा।
नवरात्र के लिए राजनीतिक माहौल बनाया
खरमास बाद नई सरकार की चर्चा चल रही थी। कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार राज्यसभा के नए कार्यकाल के लिए अप्रैल में मौजूदा सांसदों का समय पूरा होने तक यहीं जमे रहेंगे। लेकिन, अब समृद्धि यात्रा के समापन के साथमाहौल बदला है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय के नेताओं की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास यह जानकारी पहुंचा दी गई है कि उन्हें 30 मार्च तक उन्हें विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा देना है। कहा जा रहा है कि वह 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए 14 दिन तक ही वह दो सदनों के सदस्य रह सकते हैं। नीतीश कुमार अगर विधान परिषद् की सदस्यता छोड़ते हैं तो उसके बाद उन्हें नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाए रखने का विकल्प हो सकता है या नहीं- इसपर भी चर्चा चल रही है। हालांकि, इन चर्चाओं के बीच रामनवमी पर शपथ ग्रहण की चर्चा भाजपा में पटना से लेकर दिल्ली तक है।
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