{"_id":"6a3e0c6f810a75f76a0c228c","slug":"kolkata-warehouse-collapse-18-year-old-munger-worker-dies-body-reaches-village-amid-grief-one-still-missing-munger-news-c-1-1-noi1377-4436679-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: कोलकाता गोदाम हादसे ने छीनी घर की खुशियां, जवान बेटे का शव पहुंचते ही फूट-फूटकर रो पड़ा परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: कोलकाता गोदाम हादसे ने छीनी घर की खुशियां, जवान बेटे का शव पहुंचते ही फूट-फूटकर रो पड़ा परिवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:09 PM IST
सार
कोलकाता के तारातला गोदाम हादसे में जान गंवाने वाले मुंगेर निवासी 18 वर्षीय घी कुमार का शव गांव पहुंचते ही मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे में एक अन्य युवक श्रीचन अब भी लापता है। ग्रामीणों ने मुआवजे, रोजगार और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है।
विज्ञापन
परिजन का रो-रो कर बुरा हाल
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ने बिहार के मुंगेर जिले के कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाले 18 वर्षीय मजदूर घी कुमार का शव शुक्रवार को धरहरा प्रखंड के हेमजापुर पंचायत स्थित मिर्जाचक लगमा गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा।
जवान बेटे का शव देखकर बेसुध हुई मां
घी कुमार का शव जैसे ही घर पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बेटे का शव देखकर मां मीरा देवी बार-बार बेसुध हो गईं। ग्रामीण महिलाएं उन्हें संभालती रहीं। वहीं मृतक की भाभी और अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा।
परिवार के कई सदस्य करते थे कोलकाता में मजदूरी
जानकारी के अनुसार, मिर्जाचक लगमा निवासी राजेंद्र राम अपने पांच बेटों—रोहित, सोहित, मनु, मानिक चंद और सबसे छोटे बेटे घी कुमार के साथ कोलकाता में मजदूरी करते थे। उनके भाई पप्पू राम का 19 वर्षीय पुत्र श्रीचन भी उसी निर्माण कंपनी में कार्यरत था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के कई सदस्य रोजगार की तलाश में कोलकाता गए थे।
विज्ञापन
गोदाम की छत गिरने से हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि बुधवार को तारातला स्थित निर्माणाधीन गोदाम में काम के दौरान अचानक छत भरभराकर गिर गई। हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। राहत एवं बचाव अभियान के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान घी कुमार ने दम तोड़ दिया।
वहीं, हादसे के बाद से श्रीचन अब भी लापता है। उसकी तलाश राहत एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही है। अन्य घायल मजदूरों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में खाकी शर्मसार: थाने में फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी थी कांस्टेबल; एसपी ने किया सस्पेंड
मुआवजे और रोजगार की उठी मांग
शव गांव पहुंचने की सूचना पर हेमजापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विधि-व्यवस्था संभाली। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। साथ ही सरकार से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या रोजगार तथा घायलों के बेहतर इलाज की मांग की।
ग्रामीणों ने लापता युवक श्रीचन की जल्द से जल्द तलाश कर उसके परिजनों को राहत पहुंचाने की भी अपील की है।
विज्ञापन
जवान बेटे का शव देखकर बेसुध हुई मां
घी कुमार का शव जैसे ही घर पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बेटे का शव देखकर मां मीरा देवी बार-बार बेसुध हो गईं। ग्रामीण महिलाएं उन्हें संभालती रहीं। वहीं मृतक की भाभी और अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा।
विज्ञापन
परिवार के कई सदस्य करते थे कोलकाता में मजदूरी
जानकारी के अनुसार, मिर्जाचक लगमा निवासी राजेंद्र राम अपने पांच बेटों—रोहित, सोहित, मनु, मानिक चंद और सबसे छोटे बेटे घी कुमार के साथ कोलकाता में मजदूरी करते थे। उनके भाई पप्पू राम का 19 वर्षीय पुत्र श्रीचन भी उसी निर्माण कंपनी में कार्यरत था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के कई सदस्य रोजगार की तलाश में कोलकाता गए थे।
विज्ञापन
गोदाम की छत गिरने से हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि बुधवार को तारातला स्थित निर्माणाधीन गोदाम में काम के दौरान अचानक छत भरभराकर गिर गई। हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। राहत एवं बचाव अभियान के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान घी कुमार ने दम तोड़ दिया।
वहीं, हादसे के बाद से श्रीचन अब भी लापता है। उसकी तलाश राहत एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही है। अन्य घायल मजदूरों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में खाकी शर्मसार: थाने में फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी थी कांस्टेबल; एसपी ने किया सस्पेंड
मुआवजे और रोजगार की उठी मांग
शव गांव पहुंचने की सूचना पर हेमजापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विधि-व्यवस्था संभाली। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। साथ ही सरकार से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या रोजगार तथा घायलों के बेहतर इलाज की मांग की।
ग्रामीणों ने लापता युवक श्रीचन की जल्द से जल्द तलाश कर उसके परिजनों को राहत पहुंचाने की भी अपील की है।