Bihar: निजी नर्सिंग होम में महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; डॉक्टर व कर्मी क्यों हुए फरार?
संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित एक निजी नर्सिंग होम में रविवार को ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत से हड़कंप मच गया। मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अवैध संचालन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय में संचालित एक निजी नर्सिंग होम में रविवार को ऑपरेशन के दौरान 20 वर्षीय प्रसूता की मौत हो गई। मृतका की पहचान बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र अंतर्गत सौताडीह गांव निवासी मधु कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने नर्सिंग होम संचालक और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, प्रसव पीड़ा होने पर परिजन मधु कुमारी को संग्रामपुर स्थित मां रामसखी क्लीनिक लेकर पहुंचे थे। यहां बीएएमएस डिग्रीधारी डॉक्टर के.डी. कुमार ने बड़े ऑपरेशन की जरूरत बताई। डॉक्टर ने खून की कमी का हवाला देते हुए पहले परिजनों से रुपये जमा कराने को कहा, जिसके बाद ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकाला गया।
एंबुलेंस चालक वाहन छोड़कर फरार
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद मधु कुमारी की हालत लगातार बिगड़ने लगी। वह घबराहट और तेज गर्मी की शिकायत कर रही थी। जब क्लीनिक कर्मियों से डॉक्टर को बुलाने की बात कही गई तो यह कहकर टाल दिया गया कि घबराने की कोई बात नहीं है।
इसके बाद मधु को नाक में ऑक्सीजन लगाकर एंबुलेंस में डाल दिया गया और इमरजेंसी का हवाला देकर भागलपुर रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, भागलपुर पहुंचते ही एंबुलेंस चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने मधु को मृत घोषित कर दिया।
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पिता अशोक दास ने जानें क्या कहा?
परिजनों का आरोप है कि मधु कुमारी की मौत संग्रामपुर स्थित क्लीनिक में ही हो चुकी थी और शव को हटाने के उद्देश्य से रेफर करने का नाटक किया गया। मृतका के पिता अशोक दास ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नर्सिंग होम को बचाने के लिए जानबूझकर रेफर किया गया।
कपड़ा गांव की एक गर्भवती महिला की मौत हुई थी
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है। बीते वर्ष 13 जुलाई को भी इसी क्लीनिक में कपड़ा गांव की एक गर्भवती महिला की मौत हुई थी, जिसे कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के जरिए दबा दिया गया था। घटना के बाद से क्लीनिक बंद है और डॉक्टर व अन्य कर्मी फरार बताए जा रहे हैं। देर शाम तक परिजनों की ओर से संग्रामपुर थाना में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, जिससे मामले के दबाए जाने की आशंका जताई जा रही है।