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Bihar: गरीबों के अधिकार पर ‘सुविधा शुल्क’ की मुहर, मझौलिया में जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत का खेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 05:24 PM IST
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सार
Bihar News: पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड के सरिसवा पंचायत से भ्रष्टाचार की एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिश्वत लेने का वायरल तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड के सरिसवा पंचायत से भ्रष्टाचार की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। पंचायत सचिव मनोज कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के बदले ग्रामीणों से पैसे लेते हुए नजर आ रहा है।
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ग्रामीणों से 200 से 500 रुपये तक की मांग
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जन्म प्रमाण पत्र पर मोहर लगाने और दस्तावेज जारी करने के लिए ग्रामीणों से 200 से 500 रुपये तक की मांग की जा रही है। यह प्रमाण पत्र, जो हर नागरिक का मूल अधिकार है और सरकारी नियमों के अनुसार निःशुल्क जारी होना चाहिए, पाने के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसे देने पर मजबूर किया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत कार्यालय में बिना पैसे दिए कोई भी काम नहीं होता। चाहे जन्म प्रमाण पत्र हो या अन्य जरूरी दस्तावेज, हर कार्य के लिए अवैध वसूली की जाती है। इस वजह से गरीब और आम जनता को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोग कहते हैं कि अगर सरकारी कर्मचारी ही खुलेआम भ्रष्टाचार करेंगे, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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वीडियो ने खड़े किए सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई ही भ्रष्टाचार पर रोक लगा सकती है और सरकारी सेवाओं में जनता का भरोसा बहाल कर सकती है। वायरल वीडियो न केवल पंचायत स्तर पर फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या गरीब अब बिना सुविधा शुल्क के अपने अधिकार प्राप्त कर पाएंगे।
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