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Bihar: पूर्व मेयर समीर हत्याकांड में सभी आरोपी बरी, परिजनों का छलका दर्द; बेटा बोला- अब हम हाईकोर्ट जाएंगे
Fri, 07 Aug 2026 09:01 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:01 AM IST
सार
मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक रोहित कुमार हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद समीर कुमार की पत्नी वर्षा रानी और पुत्र तुषार भारद्वाज ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला।
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फोटो में मृत पूर्व मेयर समीर कुमार व पुत्र
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक रोहित कुमार के बहुचर्चित हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा आज साक्ष्य के अभाव में छह आरोपियों को बरी किए जाने के बाद मृतक के परिवार ने फैसले पर गहरी निराशा जताई है। समीर कुमार की पत्नी वर्षा रानी और पुत्र तुषार भारद्वाज ने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला है और अब वे इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
आठ साल बाद भी पुलिस प्रस्तुत नहीं जुटा पाई साक्ष्य
पूर्व मेयर समीर कुमार की पत्नी वर्षा रानी ने कहा कि यह फैसला उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर शहर के महापौर की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। घटना कैमरे में भी कैद हुई, लेकिन आठ वर्षों बाद भी पुलिस किसी आरोपी के खिलाफ ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे दोष सिद्ध हो सके। पुलिस लगातार परिवार को आश्वासन देती रही कि सभी अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी, लेकिन जांच का नतीजा शून्य रहा। वर्षा रानी ने कहा कि अब उन्हें लगता है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच ही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिला अदालत से न्याय नहीं मिला है, इसलिए परिवार अब हाईकोर्ट जाएगा और न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।
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सभी आरोपी बरी किए गए
पूर्व मेयर समीर कुमार के पुत्र तुषार भारद्वाज ने कहा कि यह फैसला केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपी बरी हो गए। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिवार को लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि जांच सही दिशा में चल रही है, जबकि अदालत की कार्यवाही के दौरान पता चला कि कई महत्वपूर्ण साक्ष्य ही पेश नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि आज तक उनका पूरा परिवार मोबाइल और अंतिम कॉल डिटेल की जानकारी मांगता रहा, लेकिन पुलिस केवल आश्वासन देती रही। अब अदालत के फैसले के बाद उनका पुलिस की जांच पर से भरोसा उठ गया है। अब पूरा परिवार हाईकोर्ट में अपील करेगा और न्याय की इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेगा।
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आठ साल बाद भी पुलिस प्रस्तुत नहीं जुटा पाई साक्ष्य
पूर्व मेयर समीर कुमार की पत्नी वर्षा रानी ने कहा कि यह फैसला उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर शहर के महापौर की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। घटना कैमरे में भी कैद हुई, लेकिन आठ वर्षों बाद भी पुलिस किसी आरोपी के खिलाफ ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे दोष सिद्ध हो सके। पुलिस लगातार परिवार को आश्वासन देती रही कि सभी अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी, लेकिन जांच का नतीजा शून्य रहा। वर्षा रानी ने कहा कि अब उन्हें लगता है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच ही नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिला अदालत से न्याय नहीं मिला है, इसलिए परिवार अब हाईकोर्ट जाएगा और न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।
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सभी आरोपी बरी किए गए
पूर्व मेयर समीर कुमार के पुत्र तुषार भारद्वाज ने कहा कि यह फैसला केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपी बरी हो गए। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिवार को लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि जांच सही दिशा में चल रही है, जबकि अदालत की कार्यवाही के दौरान पता चला कि कई महत्वपूर्ण साक्ष्य ही पेश नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि आज तक उनका पूरा परिवार मोबाइल और अंतिम कॉल डिटेल की जानकारी मांगता रहा, लेकिन पुलिस केवल आश्वासन देती रही। अब अदालत के फैसले के बाद उनका पुलिस की जांच पर से भरोसा उठ गया है। अब पूरा परिवार हाईकोर्ट में अपील करेगा और न्याय की इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेगा।