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Bihar: सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा; 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे
Mon, 17 Aug 2026 06:27 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 06:27 PM IST
सार
Bihar News: श्रावण मास की तीसरी सोमवारी पर सोनपुर के ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर में करीब पांच लाख श्रद्धालु पहुंचे। बिहार सरकार की पहल पर मंदिर परिसर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।
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हेलिकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
सोनपुर में पवित्र श्रावण मास की तीसरी सोमवारी के अवसर पर गंडक और गंगा के पावन तट पर बसे ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर में आस्था का ऐसा महासागर उमड़ा कि पूरा सोनपुर क्षेत्र शिवमय हो गया। बिहार सरकार की विशेष पहल पर सोमवार को मंदिर परिसर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। आसमान से जब फूलों की पंखुड़ियां भक्तों पर बरसने लगीं तो पूरा मंदिर परिसर बोल बम, हर-हर महादेव और बाबा हरिहरनाथ की जय के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक दृश्य को अपनी आंखों में बसाने के साथ मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।
देर रात से उमड़ता रहा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्रावण मास की महत्ता और बाबा हरिहरनाथ के प्रति अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला मंदिर की ओर उमड़ना शुरू हो गया था, जो सोमवार को भी अनवरत जारी रहा। अनुमान के मुताबिक, तीसरी सोमवारी पर करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने बाबा को जल अर्पित किया। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी।
विशेष अर्घ्य से आसान हुआ जलाभिषेक
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रबंधन समिति पूरी तरह मुस्तैद रही। भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में विशेष अर्घ्य की व्यवस्था की गई थी। इसके जरिए श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश किए बिना बाहर से ही सीधे शिवलिंग पर जल अर्पित कर रहे थे।
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यह भी पढ़ें: नितिन नवीन ने बिहार के दो नेताओं को बढ़ाया, तीसरे को छकाया; भाजपा अध्यक्ष के दांव का क्या अर्थ?
CCTV और ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर
मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और प्रवेश द्वारों पर भारी संख्या में पुलिस बल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही थी। प्रशासन का उद्देश्य हुड़दंगियों पर लगाम लगाने के साथ श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना का अवसर देना था।
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देर रात से उमड़ता रहा श्रद्धालुओं का सैलाब
श्रावण मास की महत्ता और बाबा हरिहरनाथ के प्रति अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला मंदिर की ओर उमड़ना शुरू हो गया था, जो सोमवार को भी अनवरत जारी रहा। अनुमान के मुताबिक, तीसरी सोमवारी पर करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने बाबा को जल अर्पित किया। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची थी।
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विशेष अर्घ्य से आसान हुआ जलाभिषेक
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रबंधन समिति पूरी तरह मुस्तैद रही। भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में विशेष अर्घ्य की व्यवस्था की गई थी। इसके जरिए श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश किए बिना बाहर से ही सीधे शिवलिंग पर जल अर्पित कर रहे थे।
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CCTV और ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर नजर
मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और प्रवेश द्वारों पर भारी संख्या में पुलिस बल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही थी। प्रशासन का उद्देश्य हुड़दंगियों पर लगाम लगाने के साथ श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना का अवसर देना था।