Bihar News: समस्तीपुर के पाणिनि का एमआईटी अमेरिका में हुआ चयन; परिवार में खुशी की लहर; माता-पिता हैं शिक्षक
बिहार के समस्तीपुर मूल निवासी पाणिनि ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर विश्व के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एमआईटी (MIT), अमेरिका में चयनित होकर राज्य का गौरव बढ़ाया है। हाजीपुर से स्कूली शिक्षा और आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई कर रहे पाणिनि की यह उपलब्धि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
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अपनी प्रतिभा और कड़े परिश्रम के बल पर बिहार के एक और लाल ने वैश्विक पटल पर राज्य का नाम रोशन किया है। समस्तीपुर जिले के शोनारायणपुर नायर के मूल निवासी संजय शर्मा के पुत्र पाणिनि का चयन विश्व के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में शामिल मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), अमेरिका में हुआ है।
पाणिनि ने हाजीपुर के एक निजी संस्थान से अपनी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा पूरी की है। वर्तमान में वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से बी.टेक. की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अब उनका चयन दुनिया के नंबर-1 विश्वविद्यालय एमआईटी में आगे की पढ़ाई के लिए हुआ है। पाणिनि की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके पूरे परिवार और क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
पाणिनि का पूरा परिवार शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ है। उनके पिता संजय शर्मा वैशाली जिले के मीनापुर राय में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता निभा शर्मा वैशाली के ही उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापटांड में शिक्षिका हैं।
जानें माता-पिता ने क्या कहा?
माता-पिता ने बताया कि उन्हें इस शानदार परिणाम की पूरी उम्मीद थी और आज बेटे ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। पाणिनि ने बताया कि विश्व के नंबर-1 विश्वविद्यालय से पढ़ाई करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था, जिसे उन्होंने अपनी लगन और एकाग्रता के बल पर साकार किया है।
हाजीपुर में पढ़ाई के दौरान के बारे में बताते हुए उनके सहयोगियों ने कहा कि पाणिनि कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी पर विशेष जोर देते थे। वह जहां भी पढ़ते थे, पूरी एकाग्रता के साथ केवल अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते थे।
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बताया गया कि माता-पिता दोनों वैशाली जिले में शिक्षक हैं, जिसके कारण पाणिनि ने हाजीपुर में रहकर अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली गए। पढ़ाई के दौरान उन्हें माता-पिता का पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा, जिसने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पाणिनि की यह सफलता बिहार के उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत के दम पर वैश्विक स्तर पर मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं।