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Bihar: ई-रिक्शा चलाने वाले के बैंक खाते में 7 अरब रुपये! किसने बनाया ऐसा दौलतमंद, आज पता करेगा CBI
Mon, 13 Jul 2026 07:26 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 07:26 AM IST
सार
वैशाली के महुआ और जंदाहा में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के दो लाभुकों के खातों में तकनीकी गड़बड़ी के कारण करोड़ों और अरबों रुपये की राशि दिखाई देने लगी। प्रशासन ने खातों पर रोक लगाकर बैंक और विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
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लाभार्थी बुजुर्ग व्यक्ति
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बिहार के वैशाली जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि हस्तांतरण के बाद एक चौंकाने वाली तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। महुआ और जंदाहा प्रखंड के दो पेंशनधारियों के बैंक खातों में अचानक करोड़ों और अरबों रुपये की राशि दिखाई देने लगी। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और दोनों खातों के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों के खातों में मासिक पेंशन की राशि भेजी गई थी। इसी दौरान महुआ प्रखंड की गोविंदपुर पंचायत के चखाजे गांव निवासी वृद्ध पेंशनधारी चंद्रदीप राय अपनी 1100 रुपये की पेंशन निकालने के लिए उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचे।
खाते में पैसे देखकर हैरान रह गया सीएसपी संचालक
सीएसपी संचालक ने राशि निकासी के बाद जब खाते का शेष बैलेंस देखा तो स्क्रीन पर प्रदर्शित रकम देखकर हैरान रह गए। खाते में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 795 रुपये से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी। सामान्य पेंशन खाते में इतनी बड़ी रकम दिखाई देने की खबर क्षेत्र में तेजी से फैल गई।
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जंदाहा में भी सामने आया ऐसा ही मामला
महुआ की घटना के कुछ ही समय बाद जंदाहा प्रखंड के खोपी गांव से भी इसी तरह का मामला सामने आया। यहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुक राजन सिंह के बैंक खाते में अचानक 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदर्शित होने लगी। एक ही जिले के दो अलग-अलग प्रखंडों में हुई इस तरह की तकनीकी गड़बड़ी ने प्रशासन और बैंक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
ये भी पढ़ें- चीन में बिहार के लाल का जलवा, सेतु मिश्रा ने रचा इतिहास; एशियाई चैंपियनशिप में जीते दो पदक
प्रशासन ने खातों के संचालन पर लगाई रोक
मामले की सूचना मिलते ही महुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सौरव वर्णवाल को अवगत कराया गया। इसके बाद पंचायत सचिव अशोक सिंह को लाभुक के घर भेजकर उन्हें स्थिति की जानकारी दी गई। प्रशासन ने पेंशनधारी को फिलहाल खाते से किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही अगले आदेश तक खाते का संचालन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी कारणों की हो रही जांच
बीडीओ सौरव वर्णवाल ने बताया कि पूरे मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। प्रारंभिक जांच में मामला बैंकिंग सिस्टम या सर्वर की तकनीकी त्रुटि का प्रतीत हो रहा है। बैंक और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि खातों में इतनी बड़ी राशि कैसे प्रदर्शित हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों के खातों में मासिक पेंशन की राशि भेजी गई थी। इसी दौरान महुआ प्रखंड की गोविंदपुर पंचायत के चखाजे गांव निवासी वृद्ध पेंशनधारी चंद्रदीप राय अपनी 1100 रुपये की पेंशन निकालने के लिए उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचे।
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खाते में पैसे देखकर हैरान रह गया सीएसपी संचालक
सीएसपी संचालक ने राशि निकासी के बाद जब खाते का शेष बैलेंस देखा तो स्क्रीन पर प्रदर्शित रकम देखकर हैरान रह गए। खाते में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 795 रुपये से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी। सामान्य पेंशन खाते में इतनी बड़ी रकम दिखाई देने की खबर क्षेत्र में तेजी से फैल गई।
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जंदाहा में भी सामने आया ऐसा ही मामला
महुआ की घटना के कुछ ही समय बाद जंदाहा प्रखंड के खोपी गांव से भी इसी तरह का मामला सामने आया। यहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुक राजन सिंह के बैंक खाते में अचानक 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदर्शित होने लगी। एक ही जिले के दो अलग-अलग प्रखंडों में हुई इस तरह की तकनीकी गड़बड़ी ने प्रशासन और बैंक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
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प्रशासन ने खातों के संचालन पर लगाई रोक
मामले की सूचना मिलते ही महुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सौरव वर्णवाल को अवगत कराया गया। इसके बाद पंचायत सचिव अशोक सिंह को लाभुक के घर भेजकर उन्हें स्थिति की जानकारी दी गई। प्रशासन ने पेंशनधारी को फिलहाल खाते से किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही अगले आदेश तक खाते का संचालन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी कारणों की हो रही जांच
बीडीओ सौरव वर्णवाल ने बताया कि पूरे मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। प्रारंभिक जांच में मामला बैंकिंग सिस्टम या सर्वर की तकनीकी त्रुटि का प्रतीत हो रहा है। बैंक और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि खातों में इतनी बड़ी राशि कैसे प्रदर्शित हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।