{"_id":"6a54a6dc9411d6f4630438e1","slug":"fake-aadhaar-pan-card-racket-busted-in-sitamarhi-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1241-4496280-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी आधार कार्ड फैक्ट्री का खुलासा! एक क्लिक में बनते थे दस्तावेज, कैसे खुला राज?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी आधार कार्ड फैक्ट्री का खुलासा! एक क्लिक में बनते थे दस्तावेज, कैसे खुला राज?
Mon, 13 Jul 2026 06:33 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 06:33 PM IST
सार
Bihar News: सीतामढ़ी के सोनबरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लैपटॉप, बायोमेट्रिक मशीन, आईरिस स्कैनर, फर्जी आधार कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
विज्ञापन
अपराध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीतामढ़ी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने लालबंदी रोड स्थित दो दुकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल बरामद किए। इस कार्रवाई में दो दुकान संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान दीपक ऑनलाइन पॉइंट के संचालक दीपक कुमार (निवासी- बसतपुर) और देव कंप्यूटर के संचालक सरोज कुमार वरुण (निवासी- परसा खुर्द) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह सीमावर्ती इलाके में भारतीय और नेपाली नागरिकों के अवैध दस्तावेज तैयार कर रहा था।
एक क्लिक में बनते थे फर्जी आधार और पैन कार्ड
पुलिस की जांच और पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर महज एक क्लिक में फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार कर देते थे। इसके बदले भारतीय और नेपाली नागरिकों से प्रति आधार कार्ड 3,500 रुपये तक वसूले जाते थे। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल से आधार कार्ड से जुड़ी बड़ी संख्या में पावती रसीदों की तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट से भी कथित फर्जीवाड़े के कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ में आरोपी आधार कार्ड बनाने का कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके।
लैपटॉप, बायोमेट्रिक मशीन और फर्जी आधार कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों दुकानों की गहन तलाशी ली और अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण जब्त किए। बरामद सामान में दो लैपटॉप (एक एचपी और एक डेल), बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन मशीनें और आईरिस स्कैनर शामिल है। इसके अलावा सात कथित फर्जी आधार कार्ड, दो स्मार्टफोन, तीन आधार पावती रसीदें और आईरिस स्कैन से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए।
विज्ञापन
पहले भी जेल जा चुके हैं दोनों आरोपी
सोनबरसा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी सरोज कुमार वरुण को पिछले वर्ष फर्जी पैन कार्ड बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और बाद में वह जमानत पर बाहर आया था। वहीं, दूसरा आरोपी दीपक कुमार नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में भी जेल जा चुका है।
यह भी पढ़ें: हेलीकॉप्टर से पटना देखना है या इन खास जगहों पर घूमना है? बुकिंग शुरू; CM सम्राट ने बताई खूबी
धोखाधड़ी और जालसाजी का नया केस दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में नया मामला दर्ज किया है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले के आगे के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक धीरज कुमार को सौंपी गई है।
विज्ञापन
एक क्लिक में बनते थे फर्जी आधार और पैन कार्ड
पुलिस की जांच और पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि आरोपी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर महज एक क्लिक में फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार कर देते थे। इसके बदले भारतीय और नेपाली नागरिकों से प्रति आधार कार्ड 3,500 रुपये तक वसूले जाते थे। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल से आधार कार्ड से जुड़ी बड़ी संख्या में पावती रसीदों की तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट से भी कथित फर्जीवाड़े के कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ में आरोपी आधार कार्ड बनाने का कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके।
विज्ञापन
लैपटॉप, बायोमेट्रिक मशीन और फर्जी आधार कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों दुकानों की गहन तलाशी ली और अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण जब्त किए। बरामद सामान में दो लैपटॉप (एक एचपी और एक डेल), बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन मशीनें और आईरिस स्कैनर शामिल है। इसके अलावा सात कथित फर्जी आधार कार्ड, दो स्मार्टफोन, तीन आधार पावती रसीदें और आईरिस स्कैन से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए।
विज्ञापन
पहले भी जेल जा चुके हैं दोनों आरोपी
सोनबरसा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी सरोज कुमार वरुण को पिछले वर्ष फर्जी पैन कार्ड बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और बाद में वह जमानत पर बाहर आया था। वहीं, दूसरा आरोपी दीपक कुमार नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में भी जेल जा चुका है।
यह भी पढ़ें: हेलीकॉप्टर से पटना देखना है या इन खास जगहों पर घूमना है? बुकिंग शुरू; CM सम्राट ने बताई खूबी
धोखाधड़ी और जालसाजी का नया केस दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में नया मामला दर्ज किया है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले के आगे के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुलिस अवर निरीक्षक धीरज कुमार को सौंपी गई है।