Bihar: तीसरे सोमवार बाबा गरीबनाथ का महाशृंगार, 11 क्विंटल गेहूं से सजे बाबा; महाआरती में गूंजा हर-हर महादेव
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा का भव्य जलाभिषेक, विशेष पूजन और महाशृंगार किया गया। करीब 11 क्विंटल गेहूं समेत अन्य पूजन सामग्रियों से बाबा का आकर्षक शृंगार किया गया। दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक के बाद महाआरती हुई।
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सावन माह के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर बाबा गरीबनाथ का भव्य जलाभिषेक, विधि-विधान से पूजन और महाशृंगार किया गया। बाबा का विशेष शृंगार करीब 11 क्विंटल गेहूं सहित अन्य पूजन सामग्रियों से किया गया। विशेष पूजन के बाद गेहूं से बाबा का आकर्षक महाशृंगार किया गया और फिर महाआरती संपन्न हुई। बाबा के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव तथा जय बाबा गरीबनाथ के जयघोष से गूंज उठा।
दूध, दही, शहद और गंगाजल से हुआ बाबा का अभिषेक
सावन के तीसरे सोमवार को होने वाले महाशृंगार को लेकर मंदिर प्रशासन और पुरोहितों की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर के पुजारियों ने दूध, दही, शहद और गंगाजल से विधि-विधानपूर्वक बाबा का अभिषेक और पूजन कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे और बाबा के दर्शन के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विशेष पूजन के बाद बाबा गरीबनाथ का गेहूं से महाशृंगार किया गया। बाबा के इस मनमोहक और दिव्य स्वरूप को देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। महाशृंगार के बाद बाबा की भव्य महाआरती की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान चारों ओर हर-हर महादेव और जय बाबा गरीबनाथ के जयकारे गूंजते रहे।
11 क्विंटल गेहूं से हुआ बाबा का विशेष शृंगार
बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार को बाबा का गेहूं से महाशृंगार करने की वर्षों पुरानी परंपरा रही है। इस परंपरा का आज भी विधि-विधान के साथ निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस विशेष महाशृंगार में करीब 11 क्विंटल गेहूं के साथ अन्य पूजन सामग्रियों का भी इस्तेमाल किया गया। महाशृंगार और विशेष पूजा-अर्चना के बाद भक्तों के लिए गर्भगृह के कपाट दर्शन के लिए खोल दिए गए। बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
महाआरती के बाद भक्तों में बांटा गया महाप्रसाद
प्रधान पुजारी ने कहा कि सावन के तीसरे सोमवार का दिन बाबा गरीबनाथ के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी वजह से वर्षों से चली आ रही इस महान धार्मिक विरासत और परंपरा का मंदिर में विधिवत निर्वहन किया जाता है। महाशृंगार और महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। बाबा गरीबनाथ के दिव्य महाशृंगार के दर्शन और महाआरती में शामिल होकर भक्तों ने स्वयं को धन्य महसूस किया। पूरे मंदिर परिसर में घंटियों की गूंज, भक्ति गीतों और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
तीसरे सोमवार का महाशृंगार
सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा गरीबनाथ का गेहूं से किया गया यह विशेष महाशृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। वर्षों पुरानी इस परंपरा को देखने और बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे।