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Muzaffarpur: आवास प्रमाण पत्र के लिए 'दरिंदा' नाम से आवेदन, पिता का नाम 'राक्षस और माता का नाम 'करप्शन' डाला

Tue, 05 Aug 2025 01:15 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Tue, 05 Aug 2025 01:15 PM IST
सार

मुजफ्फरपुर में सीएम नीतीश कुमार के आवास प्रमाण पत्र बनाने के प्रयास के बाद अब दरिंदा नाम से प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास किया गया है, जिसके बाद अधिकारी ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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Muzaffarpur: Fake Residence Certificate Filed in Name of 'Monster', With Cartoon Photo and Absurd Details
फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर में फर्जी तरीके से आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश का एक अनोखा मामला सामने आया है। इससे पहले जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर आवास प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास हुआ था, वहीं अब जिले के औराई प्रखंड क्षेत्र में दरिंदा नाम से आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया।

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औराई प्रखंड क्षेत्र के इस आवेदन में दरिंदा के नाम से आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास किया गया है, जिसमें पिता का नाम राक्षस और माता का नाम करप्शन ग्राम खेतलपुर, पोस्ट शाही मीनापुर,अंचल औराई,  जिला मुजफ्फरपुर लिखा गया था। साथ ही आवेदक की तस्वीर की जगह एक कार्टून इमेज अपलोड की गई थी। यह मामला 24 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन की जांच के दौरान सामने आया।
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जांच के दौरान अंचलाधिकारी गौतम कुमार ने पाया कि यह आवेदन भारत निर्वाचन आयोग के विशेष पुनरीक्षण अभियान एवं बिहार सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की नीयत से किया गया है। उन्होंने इसे गंभीर मानते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।


खेतलपुर पंचायत के राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार ने बताया कि यह आवेदन किसी साइबर कैफे संचालक द्वारा आरटीपीएस सर्विस प्लस पोर्टल पर अपलोड किया गया था, जिसका उद्देश्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने आवेदन को निरस्त करने की अनुशंसा की।

अंचलाधिकारी गौतम कुमार ने स्पष्ट किया कि गलत तरीके से प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास जांच में सामने आया है, जिसे तुरंत निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से सरकारी तंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाया जाता है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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