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Holi: फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पर महाकाल स्वरूप में सजे बाबा गरीब नाथ, भक्तों संग खेली रंग-गुलाल व फूलों की होली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Mon, 02 Mar 2026 10:22 PM IST
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सार

Baba Garib Nath: मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीब नाथ धाम में फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पर बाबा का महाकाल स्वरूप में श्रृंगार कर भक्तों संग रंग-गुलाल और फूलों की होली खेली गई। महापूजा, आरती और प्रसाद वितरण के साथ मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

Phalguna Shukla Chaturdashi: Baba Garib Nath dressed as Mahakal, played Holi with devotees with colors-flowers
फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पर महाकाल स्वरूप में सजे बाबा गरीब नाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुजफ्फरपुर जिले के तिरहुत प्रमंडल स्थित बाबा गरीब नाथ धाम में फाल्गुन माह शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर बाबा गरीब नाथ के साथ होली खेलने का विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और जयघोष से परिसर गूंज उठा।

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महाकाल स्वरूप में हुआ भव्य श्रृंगार
होली उत्सव से पहले बाबा गरीबनाथ का रंग-बिरंगे पुष्पों, भष्म और गुलाल से विशेष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर बाबा को उज्जैन महाकालेश्वर स्वरूप में भव्य रूप प्रदान किया गया। महाश्रृंगार के बाद बाबा की महा पूजा और महा आरती संपन्न की गई। इसके उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बाबा के इस अलौकिक स्वरूप और अनोखे आयोजन को देख भक्त भाव-विभोर हो गए।
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महाकाल दल की सहभागिता
इस अवसर पर महाकाल दल के सदस्यों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। आरती और पूजन के बाद भक्तों ने बाबा गरीब नाथ के साथ रंग, गुलाल और पुष्पों से होली खेली। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का संगम देखने को मिला। आयोजन के दौरान अनुशासन और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया।



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प्रधान पुजारी ने बताया परंपरा का महत्व
बाबा गरीबनाथ धाम के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि रंगभरी एकादशी के बाद बाबा के साथ होली खेलने की परंपरा है। उन्होंने जानकारी दी कि सर्वप्रथम बाबा गरीबनाथ जी का दूध, दही, घी, शक्कर तथा गंगा जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद महाश्रृंगार किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के पुष्प, रंग, गुलाल और भस्म का उपयोग किया गया। उनके अनुसार इस आयोजन का भाव यह है कि भक्त और भगवान में कोई भेद न रहे।
 
भक्तों में उत्साह और श्रद्धा
रंगों के इस पर्व पर बाबा के साथ होली खेलने को श्रद्धालु विशेष आस्था से जोड़कर देखते हैं। भक्तों का मानना है कि बाबा गरीब नाथ के साथ रंग-गुलाल खेलना उनकी असीम कृपा का प्रतीक है और इससे जीवन में खुशियों के रंग भरते हैं। आयोजन के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव और उल्लास से सराबोर रहा।

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