Bihar News: डीईओ कार्यालय यहां एक्शन मोड पर, ‘ई-शिक्षाकोष’ की जांच में फंसे स्कूल के 7 शिक्षक; नोटिस हुआ जारी
सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय फरछहियां मुस्लिम टोल न्यू के सात शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपस्थिति में अनियमितता और कथित छेड़छाड़ के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
विस्तार
सीतामढ़ी में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्राथमिक विद्यालय फरछहियां मुस्लिम टोल न्यू, प्रखंड सोनबरसा के सात शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पत्रांक 775 से 781 के तहत जारी इन नोटिसों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपस्थिति में अनियमितता और कथित छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया गया है। विभाग ने सभी शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर स्पष्ट और संतोषजनक जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर “नो वर्क, नो पे” के तहत वेतन कटौती और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी पत्र में उल्लेख है कि संबंधित शिक्षक नियमित रूप से प्रत्येक शुक्रवार को बिना पूर्व स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए। साथ ही उन्होंने रविवार को साप्ताहिक अवकाश का लाभ भी लिया, जबकि विद्यालय उर्दू विद्यालय की श्रेणी में नहीं आता है। विभागीय जांच में संकेत मिला है कि इस अनियमितता से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण पठन-पाठन कार्य बाधित हुआ तथा मध्याह्न भोजन योजना पर भी असर पड़ा।
सेवा नियमावली के उल्लंघन का आरोप
नोटिस में कहा गया है कि यह आचरण कार्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है। विभाग ने इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का संभावित उल्लंघन बताया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यह बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरुद्ध है। अधिकारियों के अनुसार, ई-शिक्षाकोष पोर्टल पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है, ऐसे में उसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ गंभीर मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जाएगा।
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निगरानी होगी और सख्त
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अब ई-शिक्षाकोष के माध्यम से सभी विद्यालयों की उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस सख्ती से जवाबदेही बढ़ेगी और सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल मजबूत होगा।