Bihar News : 21 साल में पहली बार विधानमंडल सत्र में कुछ अलग नजारा दिखेगा; 20 जुलाई से मानसून सत्र
Bihar : बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। विपक्ष सरकार को घेरेगा, लेकिन 21 साल में पहली बार ऐसा होने वाला है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में नहीं होंगे।
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इधर, विधान मंडल सत्र के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सूत्रों की मानें तो सरकार सत्र के पहले ही दिन करीब 50 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों को भी इस संक्षिप्त सत्र के दौरान पारित कराने की रणनीति बनाई गई है। यह सत्र इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी पहली बार विधानसभा के भीतर विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करेंगे।
सदन में तीखी नोंकझोंक देखने को मिल सकती है
राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी में हैं। विपक्ष की रणनीति कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों में कथित टेंडर अनियमितताओं, सुरक्षा व्यवस्था में कमी और रिशुश्री प्रकरण जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाने की है। विपक्ष का आरोप है कि कई मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही और उन्हें संरक्षण मिल रहा है। ऐसे में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान भी सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
टेंडर घोटाला समेत कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी
मानसून सत्र के दौरान भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस कार्रवाई का मामला भी जोर-शोर से उठने के संकेत हैं। इस घटना में भरत तिवारी की मौत के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए थे। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ एनडीए के कुछ सहयोगी दलों और नेताओं ने भी संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस सत्र में टेंडर घोटाला मामला, बढ़ते अपराध, भोजपुर एनकाउंटर, कानून-व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश में है। वहीं सरकार विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और नए विधायी एजेंडे के जरिए जवाब देने की तैयारी में है। ऐसे में पांच दिनों का यह मानसून सत्र हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक से लेकर सदन की कार्यवाही तक कई मुद्दों पर एनडीए और महागठबंधन के बीच भिड़ंत देखने को मिल सकता है।