{"_id":"6a68d949ae14dffd5907b5b8","slug":"bihar-agricultural-mechanization-scheme-2026-farm-machinery-subsidy-custom-hiring-centres-farmer-drone-scheme-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News:बिहार के किसानों के लिए बड़ी सौगात! 236 करोड़ की योजना से मिलेंगे ड्रोन, कृषि यंत्र और भारी सब्सिडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News:बिहार के किसानों के लिए बड़ी सौगात! 236 करोड़ की योजना से मिलेंगे ड्रोन, कृषि यंत्र और भारी सब्सिडी
Tue, 28 Jul 2026 10:01 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:01 PM IST
सार
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए 236.58 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इसके तहत 267 कस्टम हायरिंग सेंटर, 38 कृषि यंत्र बैंक, 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर और 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए 236.58 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन, कस्टम हायरिंग सेंटर और कृषि यंत्र बैंक की सुविधा मिलेगी। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी कम लागत में आधुनिक तकनीक से खेती करने का अवसर मिलेगा।
236.58 करोड़ रुपये की योजना को मिलेगी मंजूरी
चौथे कृषि रोड मैप के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के माध्यम से बिहार में कृषि यंत्रीकरण का दायरा बढ़ाया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन और प्रशासनिक खर्च सहित कुल 236.58 करोड़ रुपये की स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
छोटे किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि तकनीक
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगे कृषि यंत्र खरीदना हर किसान के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान जरूरत के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी, समय की बचत होगी और कृषि उत्पादन के साथ किसानों की आय भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
267 कस्टम हायरिंग सेंटर होंगे स्थापित
योजना के तहत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 10 लाख रुपये तक होगी। इस पर लागत का 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
38 कृषि यंत्र बैंक भी बनेंगे
राज्य में 38 कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक बैंक की परियोजना लागत 10 लाख रुपये तक होगी। पात्र समूहों को लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम 8 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा।
पराली प्रबंधन के लिए बनेंगे 200 स्पेशल सेंटर
फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 20 लाख रुपये तक होगी। इनमें 55 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर और आवश्यक कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक, अधिकतम 12 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इससे पराली सहित अन्य फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा।
480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर खुलेंगे
कृषि में आधुनिक ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कृषि स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। वहीं अन्य पात्र आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इन केंद्रों के जरिए किसानों को ड्रोन से छिड़काव सहित आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत व्यक्तिगत किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने और आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में वर्ष में दो बार दो-दिवसीय कृषि यंत्रीकरण मेला आयोजित किया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से अपील की कि वे राज्य सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं और खेती को अधिक लाभकारी, उत्पादक और समृद्ध बनाएं।
विज्ञापन
236.58 करोड़ रुपये की योजना को मिलेगी मंजूरी
चौथे कृषि रोड मैप के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के माध्यम से बिहार में कृषि यंत्रीकरण का दायरा बढ़ाया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन और प्रशासनिक खर्च सहित कुल 236.58 करोड़ रुपये की स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
विज्ञापन
छोटे किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि तकनीक
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगे कृषि यंत्र खरीदना हर किसान के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान जरूरत के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी, समय की बचत होगी और कृषि उत्पादन के साथ किसानों की आय भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
267 कस्टम हायरिंग सेंटर होंगे स्थापित
योजना के तहत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 10 लाख रुपये तक होगी। इस पर लागत का 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
38 कृषि यंत्र बैंक भी बनेंगे
राज्य में 38 कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक बैंक की परियोजना लागत 10 लाख रुपये तक होगी। पात्र समूहों को लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम 8 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा।
पराली प्रबंधन के लिए बनेंगे 200 स्पेशल सेंटर
फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 20 लाख रुपये तक होगी। इनमें 55 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर और आवश्यक कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक, अधिकतम 12 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इससे पराली सहित अन्य फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा।
480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर खुलेंगे
कृषि में आधुनिक ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कृषि स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। वहीं अन्य पात्र आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इन केंद्रों के जरिए किसानों को ड्रोन से छिड़काव सहित आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत व्यक्तिगत किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने और आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में वर्ष में दो बार दो-दिवसीय कृषि यंत्रीकरण मेला आयोजित किया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से अपील की कि वे राज्य सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं और खेती को अधिक लाभकारी, उत्पादक और समृद्ध बनाएं।