सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   bihar anti conversion law review interfaith marriage assembly debate Assembly Speaker Prem Kumar

Bihar: बिहार में बनेगा धर्मांतरण विरोधी कानून? विधानसभा में उठा मुद्दा, सरकार ने कहा- उठाए जाएंगे उचित कदम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Ashutosh Pratap Singh Updated Fri, 27 Feb 2026 05:57 PM IST
विज्ञापन
सार

बिहार विधानसभा में धर्मांतरण और जबरन अंतरधार्मिक विवाह को लेकर जोरदार बहस हुई। सत्तारूढ़ दल के 18 विधायकों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार अन्य राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों की समीक्षा करेगी। जरूरत पड़ने पर बिहार में भी ऐसा कानून लागू किया जा सकता है।

bihar anti conversion law review interfaith marriage assembly debate Assembly Speaker Prem Kumar
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बिहार विधानसभा में शुक्रवार को धर्मांतरण और अंतरधार्मिक विवाह को लेकर बड़ा मुद्दा उठा। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य सरकार अन्य राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ी तो बिहार में भी ऐसा कानून लागू किया जाएगा। यह घोषणा उस समय की गई जब सत्तारूढ़ दल के 18 विधायकों द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सदन में बहस चल रही थी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा, “बिहार सरकार अन्य राज्यों के उन कानूनों की समीक्षा जरूर करेगी, जो जबरन धर्मांतरण और जबरन अंतरधार्मिक विवाह पर रोक लगाते हैं। अगर जरूरत महसूस हुई तो वही कानून बिहार में भी लागू किया जाएगा।”
Trending Videos


यूपी समेत कई राज्यों का दिया गया उदाहरण

मुद्दा उठाते हुए भाजपा विधायक बीरेंद्र कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात सहित कई राज्यों ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ विधेयक पारित कर कानून बना दिया है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों में सख्त सजा का प्रावधान है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति के जीवन या संपत्ति को खतरे में डालकर धर्मांतरण कराया जाए या शादी अथवा शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंतरधार्मिक विवाह को बताया धर्मांतरण का जरिया

भाजपा विधायक ने दावा किया कि बिहार के कई जिलों में अंतरधार्मिक विवाह को धर्मांतरण का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10 से 20 वर्ष की लड़कियों को प्रेम के नाम पर फंसाकर शादी के जरिए धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीमांचल क्षेत्र सहित राज्य के कई जिलों में मुस्लिम आबादी में असामान्य वृद्धि देखी गई है, जिसका कारण धर्मांतरण बताया जा रहा है। उनके अनुसार, अनुसूचित जाति, जनजाति, अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग के गरीब और कमजोर तबकों को निशाना बनाया जा रहा है।

चर्चों की संख्या बढ़ने का भी जिक्र

विधायक ने कहा कि राज्य में चर्चों की संख्या भी काफी बढ़ी है और वर्तमान में लगभग 5,000 चर्च संचालित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जहां राष्ट्रीय स्तर पर ईसाई समुदाय की वृद्धि दर 15.52 प्रतिशत है, वहीं बिहार में यह 143.23 प्रतिशत बताई जा रही है। इसलिए बिहार में भी 11 राज्यों की तरह धर्मांतरण और जबरन विवाह पर रोक लगाने वाला कानून बनाया जाना चाहिए।

कठोर सजा की मांग

भाजपा के एक अन्य विधायक मिथिलेश तिवारी ने भी इसी तरह की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि जो कोई भी धर्मांतरण के इरादे से किसी व्यक्ति को जीवन या संपत्ति का भय दिखाए, मारपीट करे, बल प्रयोग करे, शादी या शादी का वादा करे, किसी नाबालिग या महिला को बहला-फुसलाकर या बेचकर धर्म परिवर्तन कराए या इसकी साजिश रचे, उसे कठोर कारावास की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के कई जिलों में जबरन धर्मांतरण हो रहा है, इसलिए ऐसे कानून की जरूरत है।

सरकार ने कहा- उठाए जाएंगे उचित कदम

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा, “सरकार इस मामले को लेकर चिंतित है और स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।”
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed