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Bihar Budget 2026: शिक्षा पर बड़ा दांव, नियुक्तियों से लेकर डिजिटल पढ़ाई तक सरकार की प्राथमिकताएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 03 Feb 2026 05:21 PM IST
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सार
Bihar Budget 2026-27: बिहार बजट 2026 में शिक्षा विभाग के लिए शिक्षक नियुक्ति, मानदेय वृद्धि, निःशुल्क पुस्तकें, छात्र योजनाएं, डिजिटल शिक्षा और पीएम श्री विद्यालयों पर जोर दिया गया है। सरकार ने बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता बताया है।
बिहार बजट 2026-27
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। विधानसभा चुनाव के बाद यह नीतीश कुमार सरकार का पहला पूर्ण बजट है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों को सुविधाएं बढ़ाने को लेकर खास उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। बजट में शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं, नियुक्तियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
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विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां
राज्य के सरकारी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों में तीन चरणों में कुल 2,27,195 विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके साथ ही 28,748 प्रधान शिक्षक और 4,699 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति भी पूरी की गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों में 672 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से प्रारंभिक विद्यालयों के लिए 7,279 विशेष विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा 10 पंचायतों पर एक सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी के प्रावधान के तहत 935 पदों पर नियुक्ति और चौथे चरण में विद्यालय अध्यापकों की बहाली की प्रक्रिया भी जारी है।
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शिक्षा से जुड़े कर्मियों के मानदेय में वृद्धि
बजट में शिक्षा से जुड़े कर्मियों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये कर दिया गया है और उनकी वार्षिक वृद्धि 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये की गई है। रात्रि प्रहरियों का मानदेय 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया है। मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत रसोइयों का मानदेय अगस्त 2025 से 1,650 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें और योजनाओं का लाभ
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 1 से 8 तक के 1.19 करोड़ छात्र-छात्राओं के लिए 11.50 करोड़ पाठ्य पुस्तकों को मुद्रित कर राज्य के सभी प्रखंडों में निःशुल्क वितरित किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तक और स्कूल डायरी सहित लगभग 12.50 करोड़ पुस्तकों को निःशुल्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, साइकिल योजना और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत अब तक 2.20 करोड़ लाभार्थियों को कुल 4,755.21 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है।
मध्याह्न भोजन और पोषण पर जोर
पीएम पोषण योजना के तहत राज्य के 68,813 आच्छादित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले औसतन 1.04 करोड़ बच्चों को प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पोषणयुक्त भोजन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025-26 में 40 हजार विद्यालयों में पोषण वाटिका निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरुद्ध अब तक 18,669 विद्यालयों में पोषण वाटिका का निर्माण किया जा चुका है।
डिजिटल शिक्षा और शिक्षा सेवकों को सहयोग
राज्य में कार्यरत 30,000 शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज से जुड़े शिक्षा सेवकों को डिजिटल गतिविधियों के लिए स्मार्ट फोन खरीदने हेतु 10 हजार रुपये की दर से राशि देने की स्वीकृति दी गई है। महादलित, दलित और अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना के तहत शिक्षण सामग्री के लिए दी जाने वाली वार्षिक राशि को 3,405 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रति केंद्र कर दिया गया है।
केंद्रीय विद्यालय और पीएम श्री स्कूलों का विस्तार
भारत सरकार ने बिहार के असैन्य क्षेत्र में 17 और अर्द्धसैन्य क्षेत्र में 2 केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही राज्य में 836 पीएम श्री विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनमें 47 मध्य विद्यालय और 789 उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में आईसीटी, स्मार्ट क्लास, ड्रोन प्रशिक्षण और भाषा लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं के जरिए छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मॉडल विद्यालय और परीक्षा व्यवस्था में सुधार
प्रत्येक जिले में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित कुल 85 विद्यालयों को अनुकरणीय मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा परीक्षा प्रणाली में आईटी, सॉफ्टवेयर और नवाचारों के माध्यम से किए गए सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और इसके लिए प्रधानमंत्री लोक प्रशासन उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।
पिछले बजट में शिक्षा विभाग की स्थिति
- फोटो : अमर उजाला
पिछले बजट में शिक्षा विभाग के लिए सरकार ने कई बड़े एलान किए थे। इनमें राज्य के सरकारी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों में 66,800 अध्यापकों की नियुक्ति का कार्य प्रक्रियाधीन, 36,947 प्रधान शिक्षक तथा 5,971 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति संबंधी कार्य प्रक्रियाधीन और राज्य सरकार द्वारा 20 अन्य अनुमंडल मुख्यालयों अथवा प्रखंडों में नए महाविद्यालय खोलने का निर्णय आदि शामिल हैं।
