Bihar : अक्षत सेवा सदन के स्थापना दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए समर्पित रहा मेगा कैंप
Bihar : समाज की निस्वार्थ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। एक महिला के स्वस्थ रहने पर ही पूरे परिवार और राष्ट्र का स्वास्थ्य टिका होता है। यह कहना है बिहार के राज्यपाल की धर्मपत्नी रेशमा आरिफ की। वह एक विशाल मुफ्त चिकित्सा शिविर के आयोजन में पहुंची थी।
विस्तार
राजधानी पटना के यारपुर स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अक्षत सेवा सदन ने अपनी सेवा यात्रा के 22 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर 23वें वर्ष में प्रवेश किया है। इस गौरवमयी अवसर पर अस्पताल परिसर में एक विशाल मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य आकर्षण महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और कैंसर स्क्रीनिंग रही। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बिहार के माननीय राज्यपाल की धर्मपत्नी रेशमा आरिफ ने शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर कैंप का उद्घाटन किया।
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सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
उद्घाटन के बाद संबोधित करते हुए रेशमा आरिफ ने कहा कि अक्षत सेवा सदन का नाम ही इसकी प्राथमिकता को दर्शाता है। समाज की निस्वार्थ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मुझे विशेष प्रसन्नता है कि अस्पताल प्रबंधन ने स्थापना दिवस के इस महत्वपूर्ण दिन को नारी शक्ति के स्वास्थ्य के लिए समर्पित किया है। एक महिला के स्वस्थ रहने पर ही पूरे परिवार और राष्ट्र का स्वास्थ्य टिका होता है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल मानवता का सच्चा मंदिर है।
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22 साल की उपलब्धियों के सफर में 2.5 लाख मरीजों का हुआ इलाज
संस्थान के निदेशक और प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अमूल्य कुमार सिंह ने बीते दो दशकों की यात्रा का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि साल 2004 में मानवता की सेवा के संकल्प के साथ शुरू हुए इस अस्पताल ने अब तक 2.5 लाख से अधिक मरीजों का ओपीडी परामर्श किया है। साथ ही 40 हजार से अधिक सफल ऑपरेशन और 300 से अधिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि गरीबों और असहायों का सहारा बनना है।
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कर्मचारियों के सुख-दुख का साथी बना संस्थान
जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मात्र 9 कर्मचारियों से शुरू हुआ यह संस्थान आज 100 से अधिक कर्मियों का एक परिवार बन चुका है। संस्थान न केवल मरीजों की सेवा करता है, बल्कि अपने कर्मचारियों की बेटियों की शादी में 1 लाख रुपये की सहायता राशि और आपातकालीन स्थिति में चिकित्सा मदद भी प्रदान करता है।
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इन विशेष सुविधाओं का मिला लाभ
मुफ्त चिकित्सा शिविर में महावीर कैंसर संस्थान, पटना मेनोपॉज सोसाइटी और रोटरी क्लब जैसे संगठनों के सहयोग से मरीजों को कई सेवाएं प्रदान की गईं हैं। इस दौरान हड्डियों की जांच और गठिया के रोगियों को परामर्श दिया गया। कैंसर स्क्रीनिंग की गई। आंख और दांतों की जांच के साथ अनुभवी डॉक्टरों के द्वारा मरीजों को उचित परामर्श दिया गया। गरीब मरीजों के बीच मुफ्त दवाओं का वितरण किया गया और शल्य चिकित्सा के लिए भी मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया।
विशेषज्ञों ने दी स्वास्थ्य की सलाह
विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्लोबल ऑर्थोपेडिक फोरम के अध्यक्ष डॉ. सरसिज नयनम और एलसीपीए के अध्यक्ष डॉ. कुमार राहुल ने इस सामूहिक प्रयास की सराहना की। पटना मेनोपॉज सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. कुमकुम सिन्हा और महावीर कैंसर संस्थान की निदेशक डॉ. मनीषा सिंह ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने लक्षणों को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि कैंसर से डरने की जरूरत नहीं है, समय पर स्क्रीनिंग ही जीवन बचा सकती है। इस कार्यक्रम में डॉ. निभा मोहन, डॉ. नितनाथ, डॉ. रोहित, डॉ. कमल, डॉ. तेज प्रताप और डॉ. मनीष समेत अक्षत परिवार के सभी सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे। संस्थान ने अपने आत्मनिर्भर होने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
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