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Bihar News: 31 देशों के 617 विद्यार्थी मना रहे शैक्षणिक सफलता का उत्सव, राष्ट्रपति भी आ रहीं; पढ़िए पूरी खबर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: Aditya Anand
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:01 AM IST
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सार
President Draupadi Murmu: नालंदा आज भी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। उनके बिहार दौरे को लेकर सारी तैयारी पहले ही पूरी हो चुकी है।
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विस्तार
आज नालंदा की ऐतिहासिक और पावन धरती के लिए सूर्योदय एक स्वर्णिम अध्याय लेकर आया है। सदियों से विश्व का 'ज्ञान पुंज' मानी जाने वाली इस धरा पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हो रही हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और 'सॉफ्ट पावर' का एक सशक्त प्रदर्शन भी है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे। आज यहां 31 देशों के 617 विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक सफलता का उत्सव मना रहे हैं।
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नालंदा की यात्रा करने वाली देश की सातवीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति का यह दौरा नालंदा के इतिहास में एक बड़े मील का पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, श्रीमती मुर्मु नालंदा की यात्रा करने वाली देश की सातवीं राष्ट्रपति बन गई हैं। इससे पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद से लेकर मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तक, सात प्रतिष्ठित राष्ट्रपतियों ने इस पावन भूमि पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से डॉ. कलाम का इस क्षेत्र से गहरा भावनात्मक लगाव था, जिन्होंने यहां तीन बार प्रवास किया था। आज राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति इसी गौरवशाली परंपरा की अगली कड़ी है, जो यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अपनी प्राचीन जड़ों को सींचते हुए एक आधुनिक और उज्ज्वल भविष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है।
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वैश्विक विविधता का एक जीवंत स्वरूप है यह समारोह
विश्वविद्यालय का यह समारोह केवल एक डिग्री वितरण आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह वैश्विक विविधता का एक जीवंत स्वरूप है। समारोह में भाग लेने आए विद्यार्थियों की आंखों में एक विशेष चमक और गर्व का भाव देखा जा रहा है। ओएनजीसी में कार्यरत छात्र सौरभ कुमार सिन्हा से लेकर जापान में शोध कर रही स्निग्धा और कश्मीर की सीरत तक, सभी के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
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राष्ट्रपति के कार्यक्रम का टाइम टेबल जानिए
महामहिम के आगमन को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा योजना तैयार की है। 'ब्लू बुक' के कड़े निर्देशों के तहत पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। 10:45 बजे गया एयरपोर्ट पर आगमन के बाद 10:55 बजे IAF Mi-17 हेलीकॉप्टर द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय के लिए प्रस्थान किया जाएगा, जहां 11:25 बजे हेलीपैड पर पहुंचकर 11:35 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होकर 11:40 बजे आगमन होगा। यहां दो समूहों के साथ फोटो सेशन, ‘विश्वामित्रालय’ सभागार का उद्घाटन तथा पीपल का पौधारोपण होगा। 11:50 से 12:00 बजे तक आरक्षित समय और रोबिंग के बाद 12:00 बजे द्वितीय दीक्षांत समारोह प्रारंभ होगा, जिसमें शैक्षणिक जुलूस, वंदे मातरम और जन-गण-मन, कुलपति का स्वागत भाषण, गणमान्य व्यक्तियों का अभिनंदन, 616 छात्रों को डिग्री वितरण तथा 36 छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। दोपहर का भोजन विश्वविद्यालय परिसर में करने के उपरांत, शाम 3:30 बजे वह प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के उन विश्व प्रसिद्ध खंडहरों का भ्रमण करने जाएँगी, जिन्हें कभी विदेशी आक्रांताओं ने नष्ट करने का विफल प्रयास किया था। अंततः, शाम को वह पुनः हेलीपैड से पटना होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।