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Bihar News: सोशल मीडिया पर ऐसी रोक कि संभलना जरूरी; NDA सरकार का पेपर लीक और आरक्षण पर भी बड़ा फैसला

Tue, 21 Jul 2026 07:50 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 21 Jul 2026 07:50 AM IST
सार

Bihar News: दिल्ली में पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। बिहार सरकार ने पेपरलीक के खिलाफ सख्त कदम उठा लिया है। साथ ही सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर भी अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। आइये जानते हैं क्या-क्या है खास...

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Bihar News Strict action against those making offensive comments on social media paper leak jail laws Agniveer
सीएम सम्राट चौधरी ने लिया बड़ा फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधानसभा सभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठक बुला ली। आम तौर पर सम्राट बुधवार को कैबिनेट की बैठक करते हैं लेकिन इस बार उन्होंने सोमवार को ही बैठक की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री और पेपर लीक पर सख्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के पुराने जेल कानूनों को समाप्त कर नया सुधारात्मक कानून लागू करने के साथ-साथ नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और अग्निवीरों को आरक्षण देने जैसे प्रस्तावों पर भी मुहर लगी।
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सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर होगी कार्रवाई
कैबिनेट ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम 2024 (सीसीए) में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अश्लील, अपमानजनक या समाज में वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट और ट्रोलिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। यानी इन पर अब सीधे गुंडा एक्ट लगेगा। गंभीर मामलों में छह महीने से लेकर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। 
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पेपर लीक और साइबर अपराध पर भी कड़ा शिकंजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने वाले गिरोहों और साइबर अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ किया है। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत सीधे कार्रवाई होगी, ताकि संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। सरकार ने इस प्रस्वाव पर भी मुहर लगा दी है। 
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अंग्रेज जमाने के जेल कानून की होगी विदाई
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में अंग्रेज जमाने के जेल कानून के फैसले को खत्म करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। सीए सम्राट चौधरी ने ब्रिटिश काल से लागू पुराने जेल कानूनों को समाप्त कर बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। नए कानून का उद्देश्य जेलों को केवल दंड देने की जगह सुधार और पुनर्वास का केंद्र बनाना है।  साथ ही पुराने द प्रिजनर्स एक्ट-1900, द ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट-1950,  द प्रिजन एक्ट-1984,  को निरस्त किया जाएगा।

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बिहार में दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना
मुख्यमंत्री ने आर्किटेक्चर एवं इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एआई एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय और एआई सेक्टर के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी एआई एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय खोलेगी। 


अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण
भारतीय सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को वनरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठम में लिया है। इसके अलावा मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म सहायता योजना को भी स्वीकृति दी गई। जीविका की ओर से यूनिफॉर्म बनाकर दिया जाएगा। 

जिलाधिकारियों को मिलेंगी खास शक्तियां
कैबिनेट में जिलाधिकारी को एक खास शक्ति देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसके तहत डिजिटल माध्यम से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में प्रशासन को त्वरित कार्रवाई का अधिकार मिलेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों पर निगरानी, नियमित उपस्थिति और अन्य कानूनी प्रतिबंध भी लगाए जा सकेंगे। अगर किसी जिलाधिकारी को लगे कि कोई शख्स ऑनलाइन या डिजिटल गतिविधियों से शांति को भंग कर रहा है तो उसे वह फौरन बिना जमानत तीन माह तक की जेल भेज सकते हैं।
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