फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar Social Media Policy Creators to Earn Government Schemes, IPRD, Videos, CM Samrat Chaudhary Influencers

Bihar: कंटेंट क्रिएटर्स को कितने व्यूज पर कितनी राशि देगी सरकार, सोशल मीडिया नीति में क्या बदला? जानिए सब कुछ

Thu, 20 Aug 2026 08:21 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 20 Aug 2026 08:21 PM IST
सार

सीएम सम्राट चौधरी की सरकार अब सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी योजनाओं और जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार ने अपनी सोशल मीडिया नीति में थोड़ा बदलाव किया है। आइये जानते हैं इसके बारे में...

विज्ञापन
Bihar Social Media Policy Creators to Earn Government Schemes, IPRD, Videos, CM Samrat Chaudhary Influencers
सरकार ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के लिए बड़ी पहल की है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर आप सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएट करते हैं तो यह खबर आपके लिए काम की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने बिहार में वीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद् की बैठक में बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026 में बदलाव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस बदलाव के जरिए सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रचार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत सरकार की ओर से सूचीबद्ध यानी एम्पैनल किए गए सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स को निर्धारित मानकों के अनुसार उनके कंटेंट पर मिलने वाले व्यूज के आधार पर भुगतान किया जा सकेगा। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थिति में गैर-एम्पैनल्ड प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को व्यूज पर अच्छी राशि दी जाएगी। 

विज्ञापन


सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव की ओर से बताया गया कि बिहार सरकार ने सोशल मीडिया, वेब पोर्टल और अन्य ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से जनहितकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026 में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसके तहत नियमावली की कंडिका-8 (vi), 11, 11(A) और 11(B) में आंशिक संशोधन कर सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त राशि के भुगतान की व्यवस्था को स्पष्ट किया जाएगा। साथ ही नई कंडिका-14(A), 14(B) और 14(C) जोड़ी जाएगी, जिसके तहत सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनल के फॉलोअर्स की समय-समय पर जांच, विशेष परिस्थितियों में गैर-सूचीबद्ध प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स को विज्ञापन देने और नियमावली में किसी अस्पष्टता की स्थिति में आवश्यक स्पष्टीकरण की व्यवस्था होगी। सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना है।
विज्ञापन


पोस्ट और वीडियो का प्रदर्शन भी भुगतान का एक आधार
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बताया गया कि संशोधित व्यवस्था में सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के प्रदर्शन को भुगतान का एक आधार बनाया गया है। प्रस्तावित दर के अनुसार एक लाख व्यूज पर अधिकतम 10 हजार रुपये तक दिए जा सकते हैं। वहीं, एक कंटेंट पर भुगतान की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये रखी गई है। यानी किसी वीडियो को 10 लाख या उससे अधिक व्यूज मिलने पर भी निर्धारित शर्तों के तहत अधिकतम एक लाख रुपये तक ही भुगतान किया जाएगा। व्यूज की गणना और भुगतान की प्रक्रिया सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के मुताबिक होगी। इसमें कंटेंट की अवधि और प्रदर्शन के साथ व्यूज की वैधता का सत्यापन भी महत्वपूर्ण होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर वायरल वीडियो पर नहीं मिलेगा पैसा
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार की नई व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि कोई भी वायरल वीडियो बनाने पर क्रिएटर को भुगतान मिल जाएगा। भुगतान के लिए कई शर्तों को पूरा करना होगा। कंटेंट की गुणवत्ता, संबंधित प्लेटफॉर्म, वास्तविक व्यूज, सरकारी अनुमति और अन्य पात्रता मानकों के आधार पर भुगतान तय किया जाएगा। सिर्फ सामान्य तौर पर बनाए गए या बिना सरकारी अनुमति के प्रकाशित किए गए कंटेंट को इस योजना के तहत भुगतान नहीं मिलेगा। यानी क्रिएटर को पहले तय प्रक्रिया के तहत सरकार के साथ जुड़ना होगा।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पास सूचीबद्ध होना जरूरी
कौन इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं? इस सवाल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बताया गया कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर, इंफ्लुएंसर या संबंधित संस्थान को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सूचीबद्ध होना जरूरी होगा। इसके लिए निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। सरकार सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनल के फॉलोअर्स की भी समय-समय पर जांच कर सकेगी। इसका उद्देश्य फर्जी या कृत्रिम तरीके से बढ़ाए गए फॉलोअर्स और व्यूज को रोकना है।

गैर-सूचीबद्ध बड़े क्रिएटर्स को भी विज्ञापन का रास्ता
जो सूचीबद्ध नहीं हैं, उनके लिए क्या प्रावधान है? इस सवाल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बताया गया कि संशोधित नियमावली में कुछ विशेष परिस्थितियों में गैर-एम्पैनल्ड प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को भी विज्ञापन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नियमों में किसी तरह की अस्पष्टता सामने आने पर आवश्यक स्पष्टीकरण जारी करने की व्यवस्था भी जोड़ी गई है।

कितने दिनों से व्यूज को माना जाएगा आधार
राशि के लिए आधार क्या होगा? इस सवाल पर विभाग की ओर से बताया गया कि नई व्यवस्था के अनुसार कंटेंट पर निर्धारित अवधि में मिलने वाले व्यूज को भुगतान की गणना में शामिल किया जाएगा। 30 दिनों के दौरान प्राप्त व्यूज के आधार पर भुगतान तय करने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि अंतिम भुगतान सरकार द्वारा तय पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।

जानिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने क्या कहा? 
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने साहेब अली ने कहा कि पहले की अपेक्षा अब कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म क्रिएटर्स को कम भुगतान करने लगे हैं। ऐसे में बिहार सरकार की यह पहल अच्छी है। जो बिहार सरकार से जुड़कर उनकी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें लिए पैसे कमाने का अच्छा मौका है। वहीं लंबे समय से सूचना और जनसंपर्क विभाग में मीडिया समन्वयक आनंद कौशल कहते हैं कि सरकार को अपनी योजनाओं के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का बेहतर इस्तेमाल करने का माध्यम मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सूचीबद्ध कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अच्छे वीडियो बनाकर कमाई का नया अवसर भी तैयार होगा। 

सरकार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की रिझाने की कोशिश
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि आप अगर खुद से कंटेंट बनाकर सरकार की सफलता को दिखाते हैं और उसपर एक लाख व्यूज आता तो उस पर कम से कम 10 हजार रुपये मिलेंगे। नियम तो पहले से ही है। लेकिन, सरकार ने थोड़ा बदलाव कर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की रिझाने की कोशिश की है। पहले की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उतने पैसे नहीं देते हैं, तो ऐसे में सरकार की ओर से उन्हें राशि मिलेगी। यह अच्छी पहल है।  


पंजाब और यूपी के बाद बिहार तीसरा राज्य, संशोधन में क्या बदला?
बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नीति 2024 में आई थी। इसमें संशोधन किया गया। कई मीडिया समूहों से संशोधन की सिफारिश की जा रही है। इस तरह की नीति बनाने वाला बिहार पंजाब और उत्तर प्रदेश के बाद तीसरा राज्य है। इसके तहत बिहार के करीब दो हजार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इस नीति के तहत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में सूचीबद्ध किए गए। पहले बहुत ज्यादा ही व्यूज लाने पर ही राशि मिलती थी। लेकिन, अब कम व्यूज लाने पर भी राशि मिलेगी। पहले कुछ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को ही फायदा होता था लेकिन अब लगभग सभी सूचीबद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को फायदा होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed