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Bihar News: नर्सिंग संस्थानों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म क्यों लाया गया? मंत्री मंगल पांडेय ने दी सारी जानकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Aditya Anand Updated Wed, 01 Apr 2026 07:09 PM IST
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सार

Health News: स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि पहले नर्सिंग संस्थानों की मान्यता की प्रक्रिया कागजी कार्रवाई पर आधारित थी, जिसे अब पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। इससे न केवल गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

Bihar News: Launch of digital platform for NOC of nursing institutions: Minister Mangal Pandey, Health News
मंत्री मंगल पांडेय ने किया डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शास्त्री नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में नर्सिंग संस्थानों को मान्यता प्रदान करने हेतु एक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नर्सिंग संस्थानों की मान्यता (एनओसी) से जुड़ी पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी। इस अवसर पर पांच संस्थानों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह दिन बिहार के स्वास्थ्य तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। यह केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त, संगठित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति साबित होगी और आने वाले दिनों में एक मजबूत आधार तैयार करेगी, जिससे योग्य नर्सिंग स्टाफ राज्य के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर सकेगा।

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नर्सिंग के 656 सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान संचालित हो रहे
मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘सात निश्चय-2’ के तहत नर्सिंग संस्थानों के विकास पर विशेष बल दिया गया है। एक दशक पहले बिहार में नर्सिंग शिक्षा के अवसर सीमित थे, जबकि आज राज्य में एएनएम, जीएनएम, बीएससी और एमएससी नर्सिंग के कुल 656 सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें 41,065 स्वीकृत सीटें उपलब्ध हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म संस्थानों की निगरानी और डेटा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और नर्सिंग शिक्षा इस दिशा में एक सशक्त माध्यम है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार के नर्सिंग संस्थानों से पास होने वाले विद्यार्थियों की योग्यता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी।
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किस उद्देश्य से डिजिटल प्लेटफॉर्म को विकसित नहीं किया गया?
मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि इस पोर्टल को दो प्रमुख उद्देश्यों के साथ विकसित किया गया है। पहला, नए नर्सिंग कॉलेजों के लिए आवेदन और एनओसी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी। दूसरा, पहले से मान्यता प्राप्त संस्थान यदि अपनी सीटें बढ़ाना चाहते हैं या संस्थान को अपग्रेड करना चाहते हैं, तो वे भी इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म न केवल प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, बल्कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि, गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। 

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