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Bihar: ब्रिटेन में MBBS का सपना दिखाकर लाखों की ठगी! नकली एडमिशन लेटर देकर बनाया शिकार, यूपी से धराया गिरोह

Sat, 18 Jul 2026 07:33 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: पटना ब्यूरो Updated Sat, 18 Jul 2026 07:33 AM IST
सार

Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विदेश में पढ़ाई के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी विवेक भटनागर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कार्डिफ विश्वविद्यालय में एडमिशन, वीजा और नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़ित से 3.85 लाख रुपये ठगे गए और फर्जी एडमिशन लेटर भी दिया गया।

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विदेश में पढ़ाई के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के बख्तियारपुर थाना और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय ठगी के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानीसराय निवासी रौशन कुमार ने मई 2025 में थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी मेनका कुमारी को विदेश में पढ़ाई के लिए भेजने के नाम पर उनसे तीन लाख पचासी हजार रुपये की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों (विवेक भटनागर, अभिषेक वर्मा, रूपाली वर्मा और सूरज वर्मा) में से मुख्य आरोपी विवेक भटनागर को गिरफ्तार कर लिया है।

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विदेश में MBBS कराने का दिया झांसा
एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि बख्तियारपुर थाना में एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। इसके वादी रौशन कुमार ने मई में एफआईआर दर्ज कराई थी। वह अपनी पत्नी को एमबीबीएस-एमएस की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन के कार्डिफ विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाना चाहते थे। इसी दौरान उनकी पहचान गाजियाबाद निवासी विवेक भटनागर से हुई। विवेक भटनागर ने उन्हें एक एजेंसी वेट इंटरप्राइजेज से मिलवाया, जिसमें तीन अन्य लोग भी शामिल थे। उनसे कहा गया कि करीब नौ लाख रुपये में लंदन में एडमिशन, वीजा और पार्ट-टाइम नौकरी की व्यवस्था कराई जाएगी।
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एडवांस में लिए 3.85 लाख रुपये
पीड़ित ने एडवांस राशि के रूप में तीन लाख पचासी हजार रुपये जमा कर दिए। आरोपियों ने वीजा और एडमिशन कराने का भरोसा दिलाया। इसी दौरान वेट इंटरप्राइजेज के लोगों ने उनकी पत्नी का इंटरव्यू भी कराया और एक एडमिशन सर्टिफिकेट सौंप दिया, जिससे रौशन कुमार को विश्वास हो गया कि उनकी पत्नी का कार्डिफ़ विश्वविद्यालय में दाखिला हो चुका है।
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कार्डिफ विश्वविद्यालय के जवाब से खुली पोल
करीब तीन महीने बाद जब रौशन कुमार को शक हुआ तो उन्होंने कार्डिफ विश्वविद्यालय को ईमेल भेजा। विश्वविद्यालय की ओर से जवाब मिला कि इस तरह का कोई एडमिशन प्रोसेस वहां नहीं किया जाता और उनकी पत्नी का किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिला नहीं हुआ है। इसके बाद रौशन कुमार ने बख्तियारपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

एग्रीमेंट और चेक भी दिया था आरोपी ने
पुलिस के अनुसार, रुपये के लेन-देन के दौरान वादी और आरोपियों के बीच एक एग्रीमेंट भी हुआ था। इसमें तय किया गया था कि यदि एडमिशन नहीं होता है तो आरोपियों को तीन लाख पचासी हजार रुपये वापस करने होंगे। इसी के तहत आरोपियों ने रौशन कुमार को एक चेक भी दिया था।

गाजियाबाद से मास्टरमाइंड गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस ने बताया कि इस मामले के सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से फरार चल रहे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। गाजियाबाद पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी में मुख्य आरोपी विवेक भटनागर उर्फ विवेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।


यह भी पढ़ें: दिल्ली से इनपुट, सारण में बड़ा एक्शन, संदिग्ध दवाओं का जखीरा सील, नकली दवा नेटवर्क की जांच तेज

पूछताछ में आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था और यह कई लोगों को विदेश में पढ़ाई के नाम पर इसी तरह ठगी का शिकार बना चुका है।

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