Bihar: जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी, खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल का भी उद्घाटन
जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर खातीपुरा में देश के पहले मेगा कोचिंग टर्मिनल और कई रेलवे स्टेशनों पर नई यात्री सुविधाओं का भी उद्घाटन हुआ। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन राजस्थान और बिहार के बीच संपर्क को मजबूत करेगी तथा प्रवासी बिहारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
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विस्तार
राजस्थान और बिहार के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 21 जून 2026 को जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही खातीपुरा में बने देश के पहले मेगा कोचिंग टर्मिनल और कई रेलवे स्टेशनों पर विकसित नई यात्री सुविधाओं का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। सम्राट चौधरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।
राजस्थान और मिथिला को जोड़ने वाली नई रेल सेवा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन राजस्थान और बिहार के मिथिला क्षेत्र के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान प्रवासी बिहारियों से किया गया वादा भी इस ट्रेन के जरिए पूरा हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है और नई रेल सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
सुंदरपुरा स्टेशन की घोषणा
रेल मंत्री ने खाटूश्याम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खाटू नगरी से करीब 11 किलोमीटर दूर सुंदरपुरा स्टेशन बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बीकानेर से जयपुर आते समय उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया और तय किया कि यात्रियों की सुविधा के लिए वहां आधुनिक स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा।
देश का पहला मेगा कोचिंग टर्मिनल
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि खातीपुरा में बना मेगा कोचिंग टर्मिनल देश का पहला ऐसा केंद्र है। उन्होंने कहा कि देशभर में 50 मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें यह पहला है। यहां हर महीने लगभग 450 ट्रेनों का अनुरक्षण किया जा सकेगा, जिससे जयपुर क्षेत्र से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा।
राजस्थान के लिए ऐतिहासिक दिन: भजनलाल शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर-दरभंगा रेल सेवा लंबे समय से लोगों की मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन राजस्थान और बिहार के लाखों यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नई ट्रेन, मेगा कोचिंग टर्मिनल और यात्री सुविधाओं के विकास से राजस्थान में व्यापार, पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
राजस्थान में रेलवे का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में रेलवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राज्य में पांच वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है और रेलवे नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को पहली बार 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रेल बजट मिला है और 76,800 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। पिछले 12 वर्षों में राज्य में करीब 3900 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है।
बिहार को मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार को कई नई ट्रेनों की सौगात मिली है। जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस से राजस्थान में काम करने वाले प्रवासी बिहारियों को यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
दो नई रेल सेवाओं पर खुशी
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य को दो नई ट्रेनों की सौगात मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने रेलवे मंत्रालय का धन्यवाद देते हुए मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने वाली परियोजनाओं तथा पुष्कर-मेड़ता रेल लाइन के लिए भी आभार व्यक्त किया।
सांसदों ने जताया आभार
जयपुर सांसद मंजू शर्मा और दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने भी रेल मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह रेल सेवा दोनों राज्यों के लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। कार्यक्रम से पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को बधाई देते हुए मेंटेनेंस सुविधाओं के और विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह टर्मिनल अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
रोजगार, शिक्षा और व्यापार को मिलेगा लाभ
जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह ट्रेन रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प साबित होगी। अभी अजमेर से दरभंगा के बीच केवल साप्ताहिक ट्रेन चलती है, जबकि नई सेवा से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध होंगे मजबूत
जयपुर अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और उद्योगों के लिए जाना जाता है, जबकि दरभंगा मिथिला संस्कृति, शिक्षा और ऐतिहासिक महत्व का प्रमुख केंद्र है। नई रेल सेवा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। खातीपुरा स्टेशन पर करीब 205 करोड़ रुपये की लागत से मेगा कोचिंग टर्मिनल बनाया गया है। यहां वंदे भारत, डेमू, एलएचबी और अन्य सभी प्रकार की ट्रेनों का अनुरक्षण एक ही स्थान पर किया जा सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है खातीपुरा टर्मिनल
टर्मिनल में नई रेल लाइनें, वॉशिंग पिट, स्टेबलिंग लाइनें और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी और जयपुर जंक्शन पर परिचालन का दबाव कम होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के 41 छोटे और मध्यम स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है। कई स्टेशनों पर नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म विस्तार और उन्नयन कार्य पूरे किए गए हैं। 16 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली भी शुरू की गई है। रेलवे का कहना है कि इन कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव देना है।