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Hindi News ›   Bihar ›   Nalanda news Father accused of killing son in Nalanda; body dumped outside the village.

कलियुगी पिता की क्रूरता: कुपोषण के शिकार मासूम के शौच करने पर जड़ा थप्पड़, मौत के बाद गांव के बाहर फेंका शव

Thu, 13 Aug 2026 07:57 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: पटना ब्यूरो Updated Thu, 13 Aug 2026 07:57 PM IST
सार

नालंदा के तेलमर थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बीमार बच्चे की मौत के बाद उसके शव को गांव के बाहर फेंकने का मामला सामने आया है। पिता पर मासूम की हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। चलिए पढ़ें पिता की क्रूरता पर आधारित यह झकझोर देने वाली कहानी।

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Nalanda news Father accused of killing son in Nalanda; body dumped outside the village.
पिता पर अपने ही चार वर्षीय बीमार बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नालंदा जिले के तेलमर थाना क्षेत्र स्थित बथानी पर गांव में एक पिता पर अपने ही चार वर्षीय बीमार बेटे की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। क्रूरता की हद तब पार हो गई, जब घटना के बाद डरे-सहमे परिवार ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से मासूम के शव को गांव के बाहर सुनसान जगह पर फेंक दिया।

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हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और शोर-शराबे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मृतक मासूम की पहचान बथानी पर गांव निवासी सुनील मांझी के चार वर्षीय पुत्र सोनू कुमार के रूप में हुई है।

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कुपोषण का शिकार था मासूम
घटना के संबंध में आरोपी पिता सुनील मांझी से पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसका बेटा सोनू पिछले दो-तीन वर्षों से कुपोषण (सूखा रोग) से ग्रसित था। उसका गांव में ही इलाज चल रहा था।

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बुधवार को बच्चा खाना खा रहा था। अत्यधिक कमजोरी और बीमारी के कारण वह अपनी जगह से उठ नहीं पाया और उसने बैठे-बैठे ही शौच और पेशाब कर दिया। बीमार बेटे की इस लाचारी पर तरस खाने के बजाय पिता को गुस्सा आ गया। आरोप है कि उसने झल्लाहट में मासूम को दो-तीन जोरदार थप्पड़ मार दिए। इसके बाद कमजोर बच्चा जमीन पर गिर पड़ा।

अस्पताल ले जाने का दावा, फिर शव को फेंका
आरोपी पिता का दावा है कि बच्चे के गिरते ही वह आनन-फानन में उसे डॉक्टर के पास ले गया। पहले कल्याणबिगहा और फिर सदर अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। पिता के अनुसार, वहां से रेफर किए जाने के बाद रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी सुनील मांझी अपनी पत्नी, तीन बेटों और दो बेटियों के साथ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहता था। बच्चे की मौत के बाद परिवार इतना डर गया कि उन्होंने मामले को पुलिस से छिपाने की कोशिश की और शव को गांव के बाहर फेंक दिया। हालांकि, जल्द ही ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और मौके पर शोर-शराबा शुरू हो गया।

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांच जारी
ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद तेलमर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने लावारिस हालत में फेंके गए शव को बरामद किया और मामले की छानबीन शुरू कर दी। तेलमर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस हत्या और गैर-इरादतन हत्या समेत सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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