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Bihar: नालंदा में इंसानियत हुई शर्मसार, महिला से दरिंदगी कांड में आठ आरोपी गिरफ्तार; स्पीडी ट्रायल की तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 09:52 AM IST
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सार
नालंदा जिले के नूरसराय क्षेत्र में महिला के साथ दरिंदगी और निर्वस्त्र करने की कोशिश की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और विशेष जांच टीम बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में एक महिला की इज्जत को तार-तार करने और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की दर्दनाक घटना सामने आई है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है और लोग स्तब्ध हैं। इस मामले में जिला पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए अब तक दो मुख्य आरोपियों समेत कुल आठ उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
26 तारीख को हुई इस घटना के बाद 27 तारीख को मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अशोक यादव और मतलू महतो को पकड़ लिया। इसके बाद मंगलवार देर रात अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर छह और आरोपियों रंजन, सचिन, दशरथ, शैलेश, डोमन और सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75 और 76 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब इसमें धारा 70 भी जोड़ी जा रही है और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अदालत से त्वरित सुनवाई की मांग की जाएगी, ताकि दोषियों को आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा दिलाई जा सके।
महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि भीड़ में शामिल कुछ महिलाएं आरोपियों को उकसा रही थीं। ऐसी एक महिला की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना का वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया मंचों पर वीडियो फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करना एक गंभीर अपराध है। इस मामले में कई मोबाइल फोन जब्त किए जा चुके हैं और जिन लोगों के सिम कार्ड हैं, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
ये भी पढ़ें: महिला की मौत पर परिजनों ने सदर अस्पताल में काटा बवाल, डर से डॉक्टर्स OPD छोड़ भागे
मीडिया से भी अपील, गांव में पुलिस तैनात
पुलिस ने मीडिया संस्थानों से भी अपील की है कि वे किसी भी हालत में वीडियो न दिखाएं, चाहे वह धुंधला ही क्यों न हो, क्योंकि इससे पीड़िता की पहचान सामने आ सकती है। फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पीड़िता की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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26 तारीख को हुई इस घटना के बाद 27 तारीख को मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अशोक यादव और मतलू महतो को पकड़ लिया। इसके बाद मंगलवार देर रात अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर छह और आरोपियों रंजन, सचिन, दशरथ, शैलेश, डोमन और सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75 और 76 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब इसमें धारा 70 भी जोड़ी जा रही है और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अदालत से त्वरित सुनवाई की मांग की जाएगी, ताकि दोषियों को आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा दिलाई जा सके।
महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि भीड़ में शामिल कुछ महिलाएं आरोपियों को उकसा रही थीं। ऐसी एक महिला की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना का वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया मंचों पर वीडियो फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करना एक गंभीर अपराध है। इस मामले में कई मोबाइल फोन जब्त किए जा चुके हैं और जिन लोगों के सिम कार्ड हैं, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
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मीडिया से भी अपील, गांव में पुलिस तैनात
पुलिस ने मीडिया संस्थानों से भी अपील की है कि वे किसी भी हालत में वीडियो न दिखाएं, चाहे वह धुंधला ही क्यों न हो, क्योंकि इससे पीड़िता की पहचान सामने आ सकती है। फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पीड़िता की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।