{"_id":"6a3966fa1ea6380dc80cc090","slug":"neet-ug-re-exam-scam-anmmch-mbbs-students-arrested-in-lakhisarai-bihar-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: MBBS की पढ़ाई छोड़ बना सॉल्वर! NEET पुनर्परीक्षा में छात्र गिरफ्तार, फर्जीवाड़े के नेटवर्क की जांच तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: MBBS की पढ़ाई छोड़ बना सॉल्वर! NEET पुनर्परीक्षा में छात्र गिरफ्तार, फर्जीवाड़े के नेटवर्क की जांच तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:17 PM IST
विज्ञापन
सार
लखीसराय में आयोजित NEET-UG पुनर्परीक्षा के दौरान गया मेडिकल कॉलेज के फाइनल ईयर एमबीबीएस छात्र अर्पित सिंह को दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया। बायोमेट्रिक जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में ANMMCH के एक अन्य छात्र विवेक ठाकुर का नाम भी सामने आया है।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
देशभर में आयोजित NEET-UG पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डॉक्टर बनने की पढ़ाई कर रहा एक एमबीबीएस छात्र ही फर्जी परीक्षार्थी बनकर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंच गया। बायोमेट्रिक जांच में उसकी पहचान खुलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) का फाइनल ईयर एमबीबीएस छात्र बताया गया है।
बायोमेट्रिक जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
रविवार को आयोजित NEET-UG पुनर्परीक्षा के दौरान लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन के समय एक परीक्षार्थी की पहचान संदिग्ध लगी। जांच में पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं, बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने आया था। इसके बाद केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गया मेडिकल कॉलेज का फाइनल ईयर छात्र निकला आरोपी
गिरफ्तार युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर निवासी अर्पित सिंह के रूप में हुई है। वह गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) में एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह सॉल्वर बनकर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पिछले दो दिनों से मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से गायब था। कॉलेज प्रशासन जब उसके कमरे पर पहुंचा तो वह वहां नहीं मिला। उसके रूममेट से पूछताछ की गई, लेकिन उसने भी छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।
कॉलेज प्रशासन ने जांच एजेंसियों को सौंपे दस्तावेज
मामले की जानकारी मिलने के बाद ANMMCH प्रशासन ने आरोपी छात्र का मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी दस्तावेज पुलिस, आईबी और अन्य जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में हर स्तर पर सहयोग किया जा रहा है।
कॉलेज की छवि पर असर की चिंता
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं केवल कानून का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि मेडिकल संस्थानों की प्रतिष्ठा और छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। उम्मीद जताई गई है कि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का खुलासा करेंगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह किसके कहने पर और किस अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग सक्रिय है या नहीं।
NEET-UG फर्जीवाड़े में ANMMCH का एक और छात्र आरोपी
इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) का एक अन्य एमबीबीएस छात्र विवेक ठाकुर भी नीट-यूजी परीक्षा फर्जीवाड़े में आरोपी पाया गया है। विवेक ठाकुर को दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए लखीसराय में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के क्रम में सोमवार को ANMMCH के प्राचार्य ने विवेक ठाकुर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज जांच एजेंसी (आईबी) को उपलब्ध करा दिए। जांच एजेंसियां छात्र के प्रवेश, शैक्षणिक रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।