Bihar: मैट्रिक में फेल होने पर दिव्यांग छात्रा ने दी जान, गांव में मातम; परिवार के समझाने के बावजूद नहीं संभला
बाढ़ थाना अंतर्गत मैट्रिक परीक्षा में फेल होने पर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। मैट्रिक एग्जाम में गणित बिषय में क्रॉस लगने पर छात्रा काफी तनाव में थी। वह जन्म से ही दोनो पैर से दिव्यांग थी, उसे दो साल से दिव्यांग राशि भी सरकार से नहीं मिला था।
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पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के बुढनीचक गांव में मैट्रिक परीक्षा में फेल होने के बाद एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान अंजली कुमारी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि गणित विषय में फेल होने के कारण वह काफी तनाव में थी।
अंजली जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग थी। परिजनों के अनुसार, उसे पिछले दो वर्षों से दिव्यांग पेंशन भी नहीं मिल रही थी। उसके पिता धर्मवीर किसान हैं और परिवार को उम्मीद थी कि बेटी के पास होने पर सरकार से कुछ आर्थिक मदद मिलेगी।
रिजल्ट आने के बाद पिता ने उसे समझाया था और अगले वर्ष फिर से परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया था। घटना के दिन घर की महिलाएं खाना बनाने के बाद आराम कर रही थीं। अंजली अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
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काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो अंजली बिस्तर पर मृत पड़ी थी। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और आसपास के लोग भी शोक में डूब गए।
परिजनों ने कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए बिना पुलिस को सूचना दिए शव को जुगाड़ गाड़ी से गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। हालांकि बाढ़ थाना अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है।
मृतका के दादा ने बताया कि अंजली चलने-फिरने में असमर्थ थी, लेकिन पढ़ाई में सामान्य थी और घर के काम भी कर लेती थी। वहीं, बड़ी बहन ने बताया कि गणित में फेल होने के बाद भी पिता ने उसे काफी समझाया था, लेकिन उसने यह कदम उठा लिया।