Bihar: राजगीर में उतरेंगे 33 कोटि देवी-देवता! आज से शुरू हो रहा विश्वप्रसिद्ध मलमास मेला, इंतजाम देख होंगे दंग
Bihar: राजगीर में 17 मई से 15 जून 2026 तक विश्वप्रसिद्ध मलमास मेले का आयोजन होगा। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवासन, पेयजल और यातायात के व्यापक एवं हाईटेक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज मेले का उद्घाटन करेंगे।
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विस्तार
बिहार की पौराणिक और आध्यात्मिक नगरी राजगीर एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। आज 17 मई से 15 जून 2026 तक विश्वप्रसिद्ध ‘मलमास मेला’ (पुरुषोत्तम मास) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस एक माह की अवधि में सभी 33 कोटि देवी-देवता देश-दुनिया छोड़कर राजगीर में ही निवास करते हैं। यही कारण है कि यहां के 22 कुंडों और 52 धाराओं में आस्था की डुबकी लगाने के लिए नेपाल और श्रीलंका सहित दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। पर्यटन विभाग और नालंदा जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के आवासन, सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य के लिए इस बार कई अभूतपूर्व और हाईटेक इंतजाम किए हैं।
आज मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
मेले का विधिवत शुभारंभ आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। श्री राजगृह तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति के अनुसार, सुबह 8:50 बजे सतधारा मुख्य द्वार पर फीता काटा जाएगा और पूजा-अर्चना व आरती होगी। सुबह 9:20 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। अमृत काल दोपहर 12:02 बजे से 1:25 बजे तक रहेगा। इसके बाद सभा भवन में मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन होगा। कार्यक्रम में स्वामी विद्याभास्कर जी महाराज, स्वामी चिदात्मन जी महाराज, दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व विजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेन्द्र कुमार, विधायक कौशल किशोर और एमएलसी रीना यादव मौजूद रहेंगी।
शाही स्नान की प्रमुख तिथियां
21 मई: पंचमी का विशेष स्नान
27 मई: प्रथम शाही स्नान (पुरुषोत्तमी एकादशी - स्वार्थ सिद्धि योग)
31 मई: द्वितीय शाही स्नान (पूर्णिमा)
5 जून: पंचमी स्नान
11 जून: तृतीय शाही स्नान (पुरुषोत्तमी एकादशी)
15 जून: अमावस्या स्नान और देवताओं का विसर्जन (सुबह 8:45 बजे के बाद)
शाही स्नान के दिन 2 से 2.5 लाख श्रद्धालु और नागा साधु एक साथ कुंडों में डुबकी लगाते हैं।
कौआ नहीं आता राजगीर?
पौराणिक मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने मलमास को ‘पुरुषोत्तम मास’ का नाम देकर सभी 33 कोटि देवताओं को राजगीर आने का निमंत्रण दिया, तो किसी कारणवश कागभुशुण्डि (कौए) को न्योता नहीं भेजा गया। इसी मर्यादा के कारण आज भी मेले के दौरान राजगीर में एक भी कौआ दिखाई नहीं देता है।
आवासन और ‘दीदी की रसोई’
भीषण गर्मी को देखते हुए 14 प्रमुख स्थलों पर विशाल आवासन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 11 जर्मन हैंगर टेंट सिटी और 3 यात्री शेड शामिल हैं। स्टेट गेस्ट हाउस में 6,000 क्षमता वाली आलीशान वीआईपी टेंट सिटी बनाई गई है, जहां मिस्ट कूलर और CCTV कैमरे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए 14 प्रमुख स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ब्रह्मकुंड पर जीविका दीदियों की 25 ‘दीदी की रसोई’ संचालित होंगी।
गंगाजल की आपूर्ति और 1000 से अधिक शौचालय
पीएचईडी ने मेला क्षेत्र में 300 प्याऊ लगाए हैं, जहां सीधे गंगाजल की आपूर्ति होगी। इसके अलावा 20 नए चापाकल, 15 पेयजल टैंकर और 125 स्टैंड पोस्ट बनाए गए हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कुल 1000 से अधिक आधुनिक शौचालय और यूरिनल तैयार किए गए हैं। स्नान के बाद महिलाओं के लिए 25 सुरक्षित चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं।
मिनी मेडिकल सिटी और रेड कॉरिडोर
स्वास्थ्य विभाग ने 8 अस्थायी अस्पताल और 18 स्वास्थ्य शिविर बनाए हैं। 16 अत्याधुनिक एंबुलेंस और 4 चलंत चिकित्सा दल 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ब्रह्मकुंड से बाहर तक एक विशेष ‘रेड कॉरिडोर’ बनाया गया है, जिसे पूरी तरह खाली रखा जाएगा। एसडीआरएफ की 21 सदस्यीय टीम और 180 विशेष ड्रेस कोड वाले ‘आपदा मित्र’ तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह
पूरे क्षेत्र में 950 दंडाधिकारी, 530 से अधिक पुलिस पदाधिकारी, होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस तैनात किए गए हैं। 38 पुलिस चौकियां और 16 वॉच टावर बनाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 250 स्थानों पर 550 हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं। भीड़ के मूड को समझने के लिए पहली बार ऑडियो-विजुअल कैमरे और सूर्य कुंड में ऑक्सीजन सेचुरेशन मापक यंत्र लगाया गया है।
यातायात और जिग-जैग कतार व्यवस्था
पटना, गया और नवादा से स्पेशल रिंग बसें चलाई जा रही हैं। 12 बड़े पार्किंग स्थल और 20 ट्रैफिक चेक पोस्ट बनाए गए हैं। ई-रिक्शा की कलर कोडिंग कर उनका किराया तय कर दिया गया है। ब्रह्मकुंड जाने वाले लंबे जिग-जैग रास्ते में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए बड़ी टीवी स्क्रीन पर भजन प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही पौराणिक कथाओं वाले बड़े फ्लैक्स बोर्ड और मिस्ट पंखे भी लगाए गए हैं।
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करंट का खतरा शून्य, विकास प्रदर्शनी भी आकर्षण
बिजली विभाग ने 5 किलोमीटर दायरे में कवर्ड केबल तार बिछाए हैं और 150 लोहे के पोल पर डाय-इलेक्ट्रिक इंसुलेटिंग पेंट किया गया है, ताकि करंट का खतरा पूरी तरह समाप्त हो सके। इसके अलावा राजगीर अतिथि गृह मार्ग पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा एक भव्य विकासात्मक प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जहां श्रद्धालुओं को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी दी जाएगी।