Bihar: डगरूआ में युवती की हत्या पर दो कहानियां- पुलिस बोली प्रेम प्रसंग, परिजन बोले दरिंदगी, सच क्या?
Bihar: पूर्णिया के डगरूआ में युवती की हत्या मामले में पुलिस और परिजनों के दावों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है। पुलिस जहां इसे प्रेम-प्रसंग में हुई हत्या बता रही है, वहीं परिजन अपहरण, सामूहिक दरिंदगी और साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
विस्तार
पूर्णिया के डगरूआ थाना क्षेत्र के विश्वासपुर गांव में 18 वर्षीय युवती का क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद पूरा इलाका दहल उठा है। एक तरफ पूर्णिया पुलिस ने मुख्य आरोपी सचिन कुमार को गिरफ्तार कर इस घटना को प्रेम-प्रसंग और झड़प के दौरान हुई हत्या का मामला बताया है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों के रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने क्या बताया था?
मामले में एसपी स्वीटी सहरावत के अनुसार, मृतका के पिता ने 12 मार्च को अज्ञात के विरुद्ध अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मटबेली निवासी 20 वर्षीय सचिन कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में सचिन ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार महीनों से युवती के संपर्क में था। 11 मार्च की रात वह उसे मेला दिखाने ले गया, जहां अपने दोस्त की दुकान पर उसने युवती के साथ गलत काम किया। इसके बाद जब उसने अपने अन्य दोस्तों के साथ भी संबंध बनाने का दबाव डाला, तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपियों ने मिलकर युवती की गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए शव को मक्के के खेत में फेंक दिया।
परिजनों का दावा, मृतका के साथ हुआ जघन्य अपराध
वहीं, मृतका के परिजनों का बयान पुलिस की कहानी से बिल्कुल अलग और बेहद भयावह है। मृतका के चचेरे भाई ने बताया कि स्कूल के सामने होटल चलाने वाले सचिन ने युवती को झांसे में ले रखा था। आरोप है कि 11 मार्च की रात करीब 11 बजे लड़की शौच के लिए बाहर निकली थी और घर से महज 100 फीट की दूरी से उसका अपहरण कर लिया गया। परिजनों का दावा है कि ‘नमस्कार ढाबा’ में सचिन कुमार, उसके दोस्त धीरज मालदार और अन्य लोगों ने मिलकर जघन्य अपराध को अंजाम दिया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव पर तेजाब डाला गया, जिससे शरीर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
परिजनों का आरोप पुलिस ने प्रताड़ित किया
परिजनों ने डगरूआ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे शिकायत लेकर गए, तो पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ित किया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को चार दिन पहले ही अनहोनी की जानकारी मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ये भी पढ़ें: रेल यात्री के मोबाइल की चोरी कर UPI से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, बांका से आरोपी गिरफ्तार
ग्रामीणों ने एनएच-31 किया जाम
इसी आक्रोश में शुक्रवार को हजारों ग्रामीणों ने एनएच-31 को जाम कर दिया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेजा गया है। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। मुख्य आरोपी सचिन कुमार पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि धीरज मालदार और अन्य अज्ञात सहयोगियों की तलाश में सघन छापेमारी जारी है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.