सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Purnea News ›   Holika Dahan with State Honors in Sikligadh Dharhara, Purnea, A Flood of Faith and Tradition Overflows

Holika Dahan: जहां होलिका प्रहलाद को लेकर अग्नि में लेकर बैठी थी, उसी जगह आज राजकीय सम्मान के साथ हुआ दहन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Mon, 02 Mar 2026 09:43 PM IST
विज्ञापन
सार

Holika Dahan In Purnea: पूर्णिया के सिकलीगढ़ धरहरा में राजकीय महोत्सव के तहत होलिका दहन हुआ। यहां प्रह्लाद स्तंभ परिसर में एक लाख श्रद्धालु जुटे। मंत्री लेशी सिंह और विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने महोत्सव का शुभारंभ किया। धुरखेल परंपरा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को विशेष बनाया।

Holika Dahan with State Honors in Sikligadh Dharhara, Purnea, A Flood of Faith and Tradition Overflows
होली की जन्मस्थली पूर्णिया में उमड़ा आस्था का सैलाब - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

दुनिया भर में रंगों की होली खेली जाती है, लेकिन पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल स्थित सिकलीगढ़ धरहरा गांव को इस पर्व की जन्मस्थली के रूप में मान्यता प्राप्त है। सोमवार की शाम यहां आयोजित राजकीय महोत्सव में अबीर-गुलाल के साथ पौराणिक परंपरा की झलक देखने को मिली। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रह्लाद स्तंभ परिसर में करीब एक लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। मंत्रोच्चार के बीच विशाल होलिका दहन के साथ आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से रोशन हो उठा।

Trending Videos

 
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
आयोजन में केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल, झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी लोग पहुंचे। श्रद्धालु ‘महादहन’ का साक्षी बनने और धुरखेल की परंपरा में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। कार्यक्रम स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोक दिया गया था तथा महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
मंत्री और विधायक ने किया शुभारंभ
महोत्सव का विधिवत शुभारंभ बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह और बनमनखी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंत्री लेशी सिंह ने इसे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया, वहीं विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने सिकलीगढ़ धरहरा के विकास और इसकी ऐतिहासिक महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के कण-कण में भगवान नरसिंह का वास है और पुरातात्विक साक्ष्य इसकी पुष्टि करते हैं।



पढ़ें- Bihar News: होली से पहले सिल्क सिटी भागलपुर गुलाल के रंग में सराबोर, महिलाओं ने किया पारंपरिक होलिका पूजन
 
सांस्कृतिक संध्या में उमड़ी भीड़
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें भोजपुरी गायक रितेश पांडेय ने प्रस्तुति दी। उनके भक्तिमय गीतों पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। आयोजन स्थल पर उत्साह और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
 
पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धरहरा की यह भूमि वही स्थान है जहां दैत्य राज हिरण्यकश्यप की बहन होलिका, भक्त प्रह्लाद को अग्नि में जलाने के उद्देश्य से बैठी, लेकिन स्वयं भस्म हो गई। इसी स्थान पर भगवान विष्णु ने खंभा फाड़कर नरसिंह रूप में अवतार लिया और हिरण्यकश्यप का वध किया। आज भी यहां होलिका की भस्म से होली खेलने की सदियों पुरानी परंपरा ‘धुरखेल’ के रूप में जीवित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed