Holi 2026 : भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष ने होली पर कर दिया ऐसा कांड, हो गया वायरल; जानिए, कहां मचा बवाल
पूर्णिया स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह का एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में जिलाध्यक्ष पर एक महिला नेत्री के साथ अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगा है, जिससे पार्टी के भीतर ही नाराजगी बढ़ गई है। वरिष्ठ नेताओं ने इसे पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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अपनी अनुशासित कार्यशैली और चाल-चरित्र का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी के पूर्णिया में जिला कार्यालय से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पार्टी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वनभाग स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंह द्वारा एक महिला नेत्री के साथ की गई अमर्यादित हरकत ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
अश्लील गानों पर मनाया जा रहा था जश्न
आयोजित समारोह में जिले के कई नेताओं को आमंत्रित किया गया था। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जहां अश्लील गानों पर जश्न मनाया जा रहा था, ठीक वहीं भाजपा के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का तैलचित्र लगा हुआ है। महापुरुषों की तस्वीरों के सामने इस तरह का प्रदर्शन और फूहड़ गानों पर डांस पार्टी की वैचारिक गरिमा पर सवाल खड़े कर रहा है।
फोटो खिंचवाने के दौरान मर्यादा भूले भाजपा जिलाध्यक्ष
वायरल वीडियो का सबसे आपत्तिजनक हिस्सा वह है, जिसमें एक महिला नेत्री जिलाध्यक्ष मनोज सिंह के साथ फोटो खिंचवाने पहुंचती हैं। फोटो के दौरान जिलाध्यक्ष कथित तौर पर आपा खो बैठते हैं और महिला नेत्री को जबरदस्ती पकड़कर अपने पास खींच लेते हैं। महिला नेत्री खुद को बचाने और दूर हटने की कोशिश करती नजर आती हैं, लेकिन जिलाध्यक्ष उन्हें पकड़कर जबरन अबीर-गुलाल लगाने लगते हैं। यह पूरी घटना सार्वजनिक रूप से किसी महिला की गरिमा और सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
नेताओं में आक्रोश
घटना के बाद भाजपा के पुराने और वरिष्ठ नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष का पद अत्यंत प्रतिष्ठित और जिम्मेदारी भरा होता है। मनोज सिंह को अपनी मर्यादाओं में रहकर कार्य करना चाहिए था। इस तरह की हरकत ने न केवल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि पूरी पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है।
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बड़े नेताओं ने साधी चुप्पी
पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो दल ‘बेटी बचाओ’ का नारा देता है, उसके जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का अपनी ही महिला कार्यकर्ता के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों को भी एक बड़ा मुद्दा मिल गया है, जबकि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मामले में अब तक चुप्पी साधे हुए है।