Bihar: पनोरमा ग्रुप पर 66 घंटे की IT रेड से मचा हड़कंप, नकदी और गहने बरामद; जानें क्या बोले सीएमडी?
सीमांचल में पनोरमा ग्रुप पर आयकर विभाग की 66 घंटे तक चली छापेमारी समाप्त हो गई है। 18 ठिकानों पर हुई कार्रवाई में नकदी, आभूषण और अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जबकि ग्रुप ने जांच में पूर्ण सहयोग का दावा किया है।
विस्तार
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में चर्चित पनोरमा ग्रुप पर आयकर विभाग की 66 घंटे तक चली महाछापेमारी अब समाप्त हो गई है। इस मैराथन कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने भारी मात्रा में नकदी, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। छापेमारी पूरी होने के बाद पनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी कर जांच में पूर्ण सहयोग की बात कही है।
18 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
ग्रुप के अनुसार पूर्णिया, सुपौल और अररिया सहित कुल 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। करीब 200 अधिकारियों की टीम ने विभिन्न परिसरों की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकद राशि और कीमती आभूषण बरामद किए गए। बरामद नकदी को पनोरमा ग्रुप के खाते में जमा कराया गया है। हालांकि, नकदी की सटीक गणना और जब्त आभूषणों के मूल्यांकन की आधिकारिक रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है। इसकी पुष्टि स्वयं सीएमडी संजीव मिश्रा ने की है।
दस्तावेजों की जांच जारी
आयकर विभाग ने ग्रुप के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, अस्पतालों और स्कूलों से जुड़े निवेश के सैकड़ों दस्तावेज जब्त किए हैं। विभाग अब इन दस्तावेजों का मिलान ग्रुप के टर्नओवर और आयकर रिटर्न से करेगा। अब सभी की नजरें आयकर विभाग की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ग्रुप ने दी सफाई
छापेमारी समाप्त होने के बाद पनोरमा ग्रुप ने बयान जारी कर कहा कि जांच के दौरान अधिकारियों को हर स्तर पर पारदर्शिता के साथ सहयोग दिया गया। सीएमडी संजीव मिश्रा ने कहा कि अधिकारियों द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज और सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने इसे नियमित जांच प्रक्रिया बताते हुए कहा कि संस्था इसका सम्मान करती है।
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भ्रामक खबरों पर आपत्ति
जांच के दौरान सोशल मीडिया और कुछ न्यूज पोर्टलों पर प्रसारित खबरों पर ग्रुप ने कड़ी आपत्ति जताई है। संस्थान का कहना है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के भ्रामक जानकारी प्रसारित कर उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इस मामले में संस्थान ने विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई पर विचार करने की बात कही है। फिलहाल आयकर विभाग की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।