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Politics: पूर्णिया में चिराग को बड़ा झटका, उप चुनाव में टिकट न मिलने पर पूर्व विधायक ने लोजपा से दिया इस्तीफा
Sat, 15 Jun 2024 05:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 15 Jun 2024 05:53 PM IST
सार
Bihar Politics: पूर्व विधायक शंकर सिंह ने कहा कि उपचुनाव लड़ने का मेरा फैसला अटल है। इसके बाद मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। 20 जून को नॉमिनेशन होगा।
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प्रेस वार्ता के दौरान पत्नी के साथ पूर्व विधायक शंकर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के पूर्णिया में चिराग पासवान की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 10 जुलाई को रूपौली विधानसभा से उपचुनाव में एनडीए से टिकट न मिलने से नाराज पूर्व विधायक शंकर सिंह ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी से इस्तीफा देते हुए वे चुनावी मैदान में कूद पड़े हैं। शंकर सिंह 20 जून को नॉमिनेशन करेंगे। उक्त बात की जानकारी उन्होंने पूर्णिया डॉलर हाउस चौक स्थित अपने निज आवास पर प्रेस को संबोधित कर दी है।
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पूर्व विधायक शंकर सिंह ने कहा कि उन्होंने दशकों तक लोजपा (रामविलास) में रहते हुए, पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम किया। पार्टी का जब जो निर्णय हुआ, मजबूती से उस निर्णय के साथ खड़ा रहा। पार्टी ने 2005 में मुझे रूपौली विधानसभा से प्रत्याशी बनाया। तब न सिर्फ मैंने मजबूती से चुनाव लड़ा, बल्कि चुनाव जीतने का काम किया। सरकार न बन पाने के कारण फिर से चुनाव हुआ। जबकि चुनाव जीतने के बाद कई प्रलोभन दिया गया। लेकिन मैं पार्टी के सिद्धांत पर रहकर उस समय के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय दिवंगत रामविलास पासवान की विचारधारा के साथ खड़ा रहा।
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उन्होंने कहा कि इसके बाद 2010, 2015 और 2020 में पार्टी ने चुनाव लड़ाया। सभी चुनाव में मैंने अच्छे मत प्राप्त किए। जीत हार का मामूली अंतर रहा। लोकसभा चुनाव में रूपौली विधानसभा से लोकसभा के चुनाव में NDA प्रत्याशी को लीड कराया। बावजूद इसके जब उपचुनाव की तारीख का एलान हुआ। NDA से जदयू के कलाधर मंडल को टिकट दे दिया गया। ये वही कलाधर मंडल हैं जो मुखिया का चुनाव भी नहीं जीत सके। पार्टी में क्या खेला हुआ, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं।
इस दौरान पत्नी प्रतिमा सिंह ने कहा कि सांसद पप्पू यादव और उनकी जीत मेरे और मेरे पति शंकर सिंह के लिए प्रेरणा है। उन्हें पूरा भरोसा है कि सांसद पप्पू यादव इस चुनाव में उनका साथ देंगे।
पूर्व विधायक ने कहा कि उपचुनाव लड़ने का मेरा फैसला अटल है। इसके बाद मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। 20 जून को नॉमिनेशन होगा। रूपौली विधानसभा की जनता मेरे साथ है। मैंने दशकों तक रूपौली की जनता की सेवा की है। स्व जाति ही नहीं बल्कि हर जाति, वर्ग और समुदाय के लोगों के साथ उनके सुख और दुख में खड़ा रहा।
उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगों को जैसे ही इस बात का पता चला कि उन्हें टिकट न देकर NDA ने किसी और को उपचुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। लोगों के कॉल आने लगे। लोग घर पर पहुंचने लगे। लोगों का ये फैसला है कि वे रूपौली से उपचुनाव लड़ें। इसलिए मैंने चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। आने वाले 20 जून को मैं निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नॉमिनेशन करूंगा। जनता हमारे साथ है। उनकी जीत निश्चित है। गौरतलब है कि रूपौली के सवर्ण जाति के वोटरों पर शंकर सिंह और उनकी पत्नी की गहरी पैठ है।