Bihar News:फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी का बड़ा खेल, लोन के नाम पर महिलाओं से करोड़ों की ठगी
पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र में सहायता माइक्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी खोलकर दर्जनों महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने 5,000 रुपये जमा करने पर 1.60 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया और बड़ी संख्या में महिलाओं से पैसे वसूल लिए।
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पूर्णिया जिले में ठगों ने लोगों को शिकार बनाने का नया और सनसनीखेज तरीका अपनाया है। सदर थाना क्षेत्र में सहायता माइक्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी खोलकर दर्जनों महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शातिरों ने महज पांच दिनों के भीतर बड़ा लोन दिलाने का लालच देकर महिलाओं से रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर पैसे वसूले और फिर दफ्तर बंद कर फरार हो गए। ठगी की शिकार महिलाओं ने अब पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
1.60 लाख रुपये लोन का दिया लालच
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि कंपनी के संचालकों ने दावा किया था कि केवल 5,000 रुपये जमा करने पर अगले ही दिन उनके बैंक खाते में 1 लाख 60 हजार रुपये का लोन भेज दिया जाएगा। आरोप है कि कंपनी का प्रोपराइटर राहुल रंजन सिंह अपने साथियों सोनू और सुधांशु के साथ महिलाओं के घर-घर पहुंचा और उन्हें आसान शर्तों पर लोन दिलाने का भरोसा दिया। बड़ी राशि मिलने की उम्मीद में कई महिलाओं ने अपनी जमा पूंजी उन्हें सौंप दी।
दर्जनों महिलाओं से वसूले गए पैसे
लोन के नाम पर ठगी का शिकार बनी महिलाओं में कल्याणी कुमारी, सुकनी देवी, ममता कुमारी, टुनटुन देवी, रीनू देवी और चंद्रकला देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उनके खाते में लोन की राशि भेज दी जाएगी। इसी भरोसे में उन्होंने पैसे जमा कर दिए।
किराये के कमरे में खोला गया था फर्जी कार्यालय
जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी राहुल रंजन सिंह ने 28 मई को गुलाबबाग जीरो माइल स्थित कब्रिस्तान टोला में एक कमरा किराये पर लेकर कार्यालय शुरू किया था। मकान मालिक मो. मोईन अख्तर ने बताया कि आरोपी ने किराये के लिए पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए थे। इसके बाद 2 जून को कार्यालय का उद्घाटन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
दो दिन बाद ही ऑफिस में लटक गया ताला
मकान मालिक के अनुसार आरोपी ने सुरक्षा राशि के रूप में एक लाख रुपये देने का वादा किया था और कहा था कि वह रकम बेगूसराय स्थित अपने घर से लाकर देगा। लेकिन उद्घाटन के मात्र दो दिन बाद ही राहुल रंजन सिंह और उसके सभी साथी दफ्तर में ताला लगाकर फरार हो गए। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
लोन की जानकारी लेने पहुंचीं महिलाएं, तब खुली पोल
ठगी का खुलासा उस समय हुआ जब महिलाएं लोन और किश्त संबंधी जानकारी लेने के लिए कार्यालय पहुंचीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दफ्तर बंद है और दरवाजे पर ताला लटका हुआ है। इसके बाद महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ और वे सीधे सदर थाना पहुंच गईं।
मोबाइल नंबर भी किया फॉरवर्ड
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने अपना मोबाइल नंबर 9204400192 भी दूसरे नंबरों पर फॉरवर्ड कर दिया है, जिससे उनसे संपर्क करना संभव नहीं हो पा रहा है। इस कारण पीड़ित महिलाओं की चिंता और बढ़ गई है और वे अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद में पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रही हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
सदर थाना के अपर थानाध्यक्ष शशि भगत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ितों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पैन कार्ड और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर राहुल रंजन सिंह और उसके साथियों की तलाश में जुट गई है।
सुनियोजित तरीके से रची गई ठगी की साजिश
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह पूरा मामला एक सुनियोजित फर्जीवाड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने पहले कार्यालय खोलकर लोगों का विश्वास जीता, फिर लोन का लालच देकर बड़ी संख्या में महिलाओं से पैसे वसूले और उसके बाद फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।