Bihar: 'डॉक्टर साहब थोड़ा मेहनत करें, 15 अगस्त के बाद रेफर करने से बचें'- CM सम्राट चौधरी का दो टूक निर्देश
Bihar News : बिहार की सम्राट चौधरी सरकार पटना पर लोड कम और छोटे सरकारी अस्पतालों को ज्यादा जिम्मेदार बनाने पर एक साथ काम करने के लिए उतर गई है। 15 अगस्त मियाद तय कर दी गई है। मॉनीटरिंग भी होगी। कैसे, यह भी बताया।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को बड़ी नसीहत देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि सामान्य मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी सामान्य मरीज को बिना उचित कारण के रेफर किया गया तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सहयोग शिविर के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नए भवनों का निर्माण भी कराया गया है। इसके बावजूद मरीजों को लगातार रेफर किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
व्यवस्था को सुधारने के लिए 15 अगस्त तक की समय-सीमा तय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा दवाइयां भी हम अस्पतालों तक पहुंचा रहे हैं। हमने अस्पतालों की इमारतें बनवाई हैं, सुविधाएं बढ़ाई हैं, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों को अब थोड़ा और मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस व्यवस्था को सुधारने के लिए 15 अगस्त तक की समय-सीमा तय की है। सभी जिलाधिकारी और मुख्य सचिव इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त के बाद जिला स्तर से किसी भी सामान्य मरीज को रेफर नहीं किया जाना चाहिए। मरीजों का इलाज संबंधित अस्पतालों में ही सुनिश्चित किया जाए।
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जटिल बीमारियों के मामलों में रेफरल की व्यवस्था जारी रहेगी
उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर और जटिल बीमारियों के मामलों में रेफरल की व्यवस्था जारी रहेगी। लेकिन सामान्य बीमारियों के लिए मरीजों को सीधे बड़े अस्पतालों में भेजने की प्रवृत्ति समाप्त करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडलीय अस्पतालों और जिला अस्पतालों की व्यवस्था को 15 अगस्त तक सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद 31 दिसंबर तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की सुविधाओं को भी बेहतर बनाने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में ही गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त इलाज उपलब्ध हो, ताकि उन्हें निजी क्लीनिकों और अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से अपील की कि वे इस विषय को गंभीरता से लें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।