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Bihar: बिना डॉक्टर के चल रहा था इलाज! मासूम की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का प्रदर्शन, जांच में जुटी पुलिस
Sun, 12 Jul 2026 10:06 AM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 10:06 AM IST
सार
छपरा के तरैया स्थित एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 12 वर्षीय विक्की कुमार की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और क्लिनिक स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक सप्ताह में यह दूसरी ऐसी घटना है।
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मृत मासूम के रोते बिलखते परिजन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र में एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 12 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद शनिवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने चिकित्सक और क्लिनिक स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने क्लिनिक में विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
मृतक की पहचान तरैया थाना क्षेत्र के फरिदनपुर गांव निवासी अजय राम के 12 वर्षीय पुत्र विक्की कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, विक्की को तेज बुखार था। शनिवार शाम उसे इलाज के लिए देवरिया रोड स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था।
'डॉक्टर नहीं थे, स्टाफ ने चढ़ाई सलाइन'
मृतक के चाचा रामेश्वर राम ने आरोप लगाया कि बच्चे के भर्ती होने के समय डॉक्टर क्लिनिक में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में क्लिनिक के स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चे को सलाइन चढ़ाना शुरू कर दिया। जब परिजनों ने उसकी हालत के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि घबराने की कोई बात नहीं है और बच्चा जल्द ठीक हो जाएगा। परिजनों का आरोप है कि सलाइन चढ़ाने के करीब चार घंटे बाद ही विक्की की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर और क्लिनिक स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
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एक सप्ताह में दूसरी घटना का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि तरैया क्षेत्र में कई निजी क्लिनिक और नर्सिंग होम बिना पर्याप्त व्यवस्था और योग्य चिकित्सकों के संचालित हो रहे हैं। लोगों का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर इलाज में कथित लापरवाही से मौत का यह दूसरा मामला है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश है।
ये भी पढ़ें- Bihar Police: बिहार में अब तक 5035 म्यूल खातों की पहचान, साइबर ठगों ने 63 करोड़ उड़ाये; जानिए पूरा मामला
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद परिजनों ने तरैया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराई। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मृतक की पहचान तरैया थाना क्षेत्र के फरिदनपुर गांव निवासी अजय राम के 12 वर्षीय पुत्र विक्की कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, विक्की को तेज बुखार था। शनिवार शाम उसे इलाज के लिए देवरिया रोड स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था।
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'डॉक्टर नहीं थे, स्टाफ ने चढ़ाई सलाइन'
मृतक के चाचा रामेश्वर राम ने आरोप लगाया कि बच्चे के भर्ती होने के समय डॉक्टर क्लिनिक में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में क्लिनिक के स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चे को सलाइन चढ़ाना शुरू कर दिया। जब परिजनों ने उसकी हालत के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि घबराने की कोई बात नहीं है और बच्चा जल्द ठीक हो जाएगा। परिजनों का आरोप है कि सलाइन चढ़ाने के करीब चार घंटे बाद ही विक्की की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर और क्लिनिक स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
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एक सप्ताह में दूसरी घटना का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि तरैया क्षेत्र में कई निजी क्लिनिक और नर्सिंग होम बिना पर्याप्त व्यवस्था और योग्य चिकित्सकों के संचालित हो रहे हैं। लोगों का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर इलाज में कथित लापरवाही से मौत का यह दूसरा मामला है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश है।
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद परिजनों ने तरैया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराई। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।