Bihar News : निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, पंचायती राज के कनीय अभियंता घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Bihar : भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग लगातार कार्रवाई कर रही है। इस दौरान पंचायती राज के कनीय अभियंता घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से टीम ने 50 हजार रुपए बरामद किए हैं।
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बिहार के छपरा में एक बार फिर निगरानी विभाग ने छापेमारी कर एक कनीय अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय पानापुर प्रखंड मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों में खलबली मच गई है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि सारण जिले के पानापुर प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत चकिया पंचायत कार्यालय की बताई जा रही है। जहां पानापुर प्रखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई से हलचल मच गई है। निगरानी विभाग की टीम ने पंचायती राज विभाग के कनीय अभियंता (JE) राजा करीम को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पटना से आई निगरानी टीम द्वारा गोपनीय तरीके से की गई है, जिसमें अभियंता को एक निजी ट्रेडर्स के मालिक संतोष कुमार के द्वारा घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
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निगरानी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद मिली जानकारी के अनुसार सारण जिलांतर्गत पानापुर प्रखंड के चकिया पंचायत में पंचायती राज विभाग की कुआं, पीसीसी सड़क और नाला सहित विभिन्न योजनाओं के तहत निर्माण सामग्री की आपूर्ति की गई थी। यह आपूर्ति सांभवी ट्रेडर्स नामक प्रतिष्ठान द्वारा की गई थी। आपूर्ति की कुल राशि लगभग दस लाख रुपये थी, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया था। हालांकि भुगतान की निकासी के एवज में कनीय अभियंता राजा करीम द्वारा पांच प्रतिशत यानी पचास हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। लेकिन बहुत कुछ गुजारिश करने के बाद चार प्रतिशत पर बात बन गई थी। लेकिन इसी बीच ट्रेडर्स संचालक ने यह मामला हल्के में न लेते हुए सीधे निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद पटना की निगरानी टीम ने पूरी योजना के तहत JE को रंगे हाथ पकड़ने की रणनीति बनाई। जिसमें ऑडियो कॉल और भौतिक सत्यापन के बाद तय समय पर जैसे ही JE ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम द्वारा अभियंता से पूछताछ कर रही है और उसके निजी ठिकानों व डेरा की भी तलाशी ले रही है। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसके खिलाफ पहले से कोई अन्य भ्रष्टाचार के मामले तो नहीं हैं, और इस घूसखोरी के पीछे कोई और भी शामिल है या नहीं। इस घटना से स्थानीय प्रशासन और पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों द्वारा इस कार्रवाई के बाद बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब योजनाओं के भुगतान के एवज में घूस की मांग की गई हो। क्योंकि यह वर्षों से चलता आ रहा है, लेकिन इस बार निगरानी टीम की तत्परता से एक बड़ा खुलासा हुआ है।
फिलहाल आरोपी अभियंता के खिलाफ निगरानी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। निगरानी विभाग यह भी पता लगाने में जुटी हुई है कि आरोपी ने पूर्व में किन- किन योजनाओं में काम किया है और कहीं अन्य योजनाओं में भी ऐसी अनियमितताएं तो नहीं की गईं हैं। इस कार्रवाई से प्रखंड स्तर पर कार्य कर रहे अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है। कई अधिकारी अब खुद को सतर्क बताते हुए अपनी कार्यशैली की सफाई देते नज़र आ रहे हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि निगरानी विभाग की यह कार्रवाई आने वाले समय में अन्य भ्रष्ट अधिकारियों पर भी शिकंजा कसने का संकेत है।