सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Grocery store catches fire due to short circuit in Gopalganj bihar shopkeeper dies from burns

Bihar: शॉर्ट सर्किट से धधकी किराना दुकान, आग में झुलसे दुकानदार की मौत; परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: सारण ब्यूरो Updated Tue, 16 Jun 2026 04:25 PM IST
विज्ञापन
सार

Gopalganj: गोपालगंज के विशंभरपुर थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट के कारण एक किराना दुकान में आग लग गई, जिसमें गंभीर रूप से झुलसे दुकानदार परमानंद शर्मा की मौत हो गई। परिजनों ने सदर अस्पताल पर इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया है।  

Grocery store catches fire due to short circuit in Gopalganj bihar shopkeeper dies from burns
अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां विशंभरपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया मोड़ पर शॉर्ट सर्किट के कारण एक किराना दुकान में भीषण आग लग गई। इस हादसे की चपेट में आने से दुकानदार की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मटिहानी गांव निवासी 54 वर्षीय परमानंद शर्मा के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।



दुकान में अचानक भड़की आग 
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, परमानंद शर्मा जमुनिया मोड़ स्थित अपनी किराना दुकान में मौजूद थे। तभी अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण दुकान में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि परमानंद शर्मा को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। दुकान से धुआं और लपटें उठती देख स्थानीय लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और झुलसी हालत में परमानंद शर्मा को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


'आधे घंटे तक तड़पते रहे, नहीं मिला इलाज'
इस हादसे में अस्पताल प्रबंधन की कथित संवेदनहीनता और लापरवाही का मामला भी सामने आया है। मृतक के परिजनों ने सदर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि जब वे घायल परमानंद को लेकर आपातकालीन वार्ड पहुंचे, तो करीब आधे घंटे तक उन्हें कोई समुचित प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे मरीज को लेकर परिजन इधर-उधर भटकते रहे। परिजनों के मुताबिक, यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। सही समय पर उपचार न मिलने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


'सिविल सर्जन से करेंगे शिकायत'
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की बदहाली को लेकर लोग सदर अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिजनों का कहना है कि वे इस कथित लापरवाही के खिलाफ जिले के सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपकर दोषी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।]

ये भी पढ़ें: बिहार में बदमाशों पर आफत! शराब तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जबड़े में गोली लगते ही ढेर हुआ तस्कर


जांच में जुटी पुलिस
परमानंद शर्मा अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी सहित पूरा हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। इस असमय मौत से मटिहानी गांव और परिजनों में मातम पसरा हुआ है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने के बाद विशंभरपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुट गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed