सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   From treat suicide stance to CBI sheet family Jehanabad NEET student cornered government investigative agency

Bihar: 'आत्महत्या मान लो' से लेकर CBI चार्जशीट तक, NEET छात्रा केस में परिजनों ने सरकार और जांच एजेंसी को घेरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 16 Jun 2026 04:48 PM IST
विज्ञापन
सार

Jehanabad: जहानाबाद की NEET छात्रा हत्याकांड मामले में परिजनों ने प्रेसवार्ता कर सरकार, पुलिस और सीबीआई की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 21 बिंदुओं के जरिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पतालों की भूमिका, सीसीटीवी फुटेज, डीएनए जांच, चार्जशीट में देरी और कथित साक्ष्यों से छेड़छाड़ को लेकर जवाब मांगा है।  

From treat suicide stance to CBI sheet family Jehanabad NEET student cornered government investigative agency
मृतका के परिजनों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

जहानाबाद की NEET छात्रा हत्याकांड मामले में परिजन अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के आवास पर जाएंगे और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाएंगे। इस बात की जानकारी परिजनों ने प्रेसवार्ता कर दी। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों के सामने 21 सवाल खड़े किए हैं और मामले में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।



पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतका के शरीर पर नाखूनों के खरोंच, स्तन पर चोट के निशान और प्राइवेट पार्ट के क्षत-विक्षत होने जैसी बातें सामने आईं, लेकिन सहज हॉस्पिटल, प्रमात हॉस्पिटल और मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने इन तथ्यों को क्यों छुपाया? परिजनों ने सवाल उठाया कि आखिर किसे बचाने के लिए ऐसा किया गया और संबंधित डॉक्टरों से सख्ती से पूछताछ क्यों नहीं की गई?
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएसपी और डीजीपी की भूमिका पर भी सवाल
परिजनों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही तत्कालीन एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे आत्महत्या का मामला क्यों बताया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 30 जनवरी को डीजीपी ने परिवार को बुलाकर मामले को आत्महत्या मानने की सलाह दी थी। परिवार का कहना है कि जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
विज्ञापन


अस्पतालों और पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर प्रश्न
परिजनों का आरोप है कि सहज हॉस्पिटल ने इलाज के दौरान पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी, जबकि मृतका का कई घंटे तक इलाज हुआ था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटना के बाद कथित घटनास्थल शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील क्यों नहीं किया गया और वहां मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया।

'होश में आने के बाद बेटी ने बताई थी आपबीती'
परिजनों ने दावा किया कि 8 जनवरी को होश में आने के बाद मृतका ने अपनी मां को बताया था कि उसके साथ बहुत बुरा हुआ है। उनका आरोप है कि इसके बाद डॉक्टरों ने इलाज के बहाने परिजनों को बाहर कर दिया और फिर मृतका दोबारा होश में नहीं आ सकी। परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

सीसीटीवी, मोबाइल डेटा और साक्ष्यों को लेकर सवाल
प्रेसवार्ता में परिजनों ने कहा कि हॉस्टल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि कुछ फुटेज वायरल की गईं और कई मोबाइल फोन जब्त होने के बावजूद उन्हें सील नहीं किया गया। परिवार ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी जताई।

डीएनए जांच और चरित्र हनन के आरोप
परिजनों ने सवाल उठाया कि जब कपड़ों पर स्पर्म मिलने की बात सामने आई तो डीएनए सैंपल रात एक बजे क्यों लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से ही मृतका के चरित्र पर सवाल उठाकर परिवार को दबाव में लाने की कोशिश की गई।

सीबीआई जांच और चार्जशीट में देरी पर सवाल
परिवार ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिसके कारण आरोपित को जमानत मिल गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नाबालिग होने के बावजूद मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं और जांच अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई।

हॉस्टल, कॉल डिटेल्स और डंप डेटा जांच की मांग
परिजनों ने मांग की कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े दस्तावेजों, हॉस्टल संचालकों और कर्मचारियों की कॉल डिटेल्स तथा घटना वाले दिन के सेलफोन डंप डेटा की गहन जांच कराई जाए। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अब तक जांच नहीं हुई है।

ये भी पढ़ें: शादी से पहले वायरल हुआ निजी वीडियो, टूटा रिश्ता और चली गई जान; प्रेमी की जिद बनी युवती की मौत की वजह


'यह सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे समाज की लड़ाई'
प्रेसवार्ता के अंत में परिजनों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी बेटी के लिए नहीं, बल्कि समाज की सभी बेटियों की सुरक्षा और न्याय के लिए है। उन्होंने लोगों से इस लड़ाई में साथ आने और आवाज बुलंद करने की अपील की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed