Bihar: नाबालिग की मौत का राज खुला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म से इनकार; कुएं में डूबने से हुई थी मौत
बिहार के छपरा में नाबालिग की संदिग्ध मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, कुएं में डूबने से मौत होने की बात सामने आई है।
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बिहार के छपरा में नाबालिग की संदिग्ध मौत के मामले में सारण पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। यह खुलासा तकनीकी साक्ष्यों के बजाय पोस्टमार्टम और लैब जांच रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने बताया कि जिले के डेरनी थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव में नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सारण पुलिस के अनुसार मृतका के साथ दुष्कर्म या किसी अन्य प्रकार के यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि लड़की की मौत कुएं में डूबने से दम घुटने के कारण हुई।
एसएसपी विनीत कुमार के निर्देश पर तथा सोनपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को शाम करीब 4:45 बजे डेरनी थाने की पुलिस को सूचना मिली कि शीतलपट्टी गांव में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल मृतका के पुराने जर्जर घर से करीब पांच मीटर उत्तर दिशा में स्थित एक कुएं के पास था। मौके पर पहुंचने पर लड़की का शव कुएं के किनारे रखा मिला।
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ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने शव को कुएं से निकालकर किनारे रख दिया था। मौके पर तैयार की गई मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट में मृतका की मां नीरू देवी और ग्रामीण रुदल सिंह ने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई थी कि लड़की को कुएं में धक्का देकर गिराया गया है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया गया। पुलिस ने परिजनों से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन मांगा था। लगभग 24 घंटे बाद 12 मार्च को मृतका की मां की ओर से अंगूठा निशानयुक्त आवेदन प्राप्त हुआ।
प्राप्त आवेदन के आधार पर डेरनी थाना कांड संख्या 96/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान सोनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम द्वारा वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।
घटनास्थल के पास रहने वाली प्रभावती देवी ने बताया कि मृतका की मां ने उन्हें फोन कर पूछा था कि क्या उनकी बेटी वहां आई है। देखने पर पता चला कि लड़की वहां मौजूद थी। इसके बाद मृतका की मां और उसकी बहन वहां पहुंचीं। एक जर्जर घर में एक युवक और लड़की मौजूद थे। कुछ ही देर में अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए। इस दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और पकड़ा गया आरोपी वहां से भाग निकला। हालांकि इसी दौरान लड़की कुएं में कैसे गिरी, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य नामजद आरोपी युवराज कुमार, पिता राजकिशोर मांझी उर्फ कमल मांझी, को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने घटनास्थल पर अपनी मौजूदगी स्वीकार की है। उसने बताया कि मृतका और वह एक ही गांव के रहने वाले थे तथा दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी और वे एक-दूसरे को पहले से जानते थे। सदर अस्पताल छपरा से 14 मार्च को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट नहीं पाई गई है। रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबने से दम घुटना बताया गया है। लैब जांच में भी यौन शोषण के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
हालांकि आगे की जांच के लिए वेजाइनल स्वैब, प्यूबिक हेयर, ब्लड, फिंगर नेल और कपड़ों के नमूने एफएसएल मुजफ्फरपुर भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच जारी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।