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Bihar: गांव के मैदान से राष्ट्रीय मंच तक..., बिहार की फुटबाल टीम में चयनित हुए सारण के राजन कुमार, बढ़ाया मान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: सारण ब्यूरो Updated Thu, 05 Feb 2026 02:44 PM IST
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सार

सारण जिले के शोभे परसा गांव के युवा फुटबॉलर राजन कुमार ने सीमित संसाधनों के बावजूद खेल में अपनी प्रतिभा से सभी का दिल जीत लिया। वर्ष 2014 में गांव के मैदान से फुटबॉल की शुरुआत करने वाले राजन ने अब बिहार सीनियर संतोष ट्रॉफी टीम में जगह बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है।

Rajan Kumar has brought pride and honor to Saran.
राजन कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सारण जिले के परसा नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 03 के शोभे परसा गांव के युवा फुटबॉलर राजन कुमार उर्फ गोलू ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से खेल जगत में लोहा मनवाया है। बिहार सीनियर संतोष ट्रॉफी टीम में चयन पाकर राजन ने जिले का गौरव बढ़ाया है। सीमित संसाधनों के बावजूद गांव के मैदान से अपनी खेल यात्रा शुरू करने वाले राजन आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।
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2014 में शुरू किया था खेलना

शोभे परसा गांव निवासी संतोष सिंह और स्वर्गीय किरण देवी के पुत्र राजन कुमार ने वर्ष 2014 में गांव के खेल मैदान से फुटबॉल खेलना शुरू किया था। शुरुआती दौर में संसाधनों और प्रशिक्षण की कमी होने के बावजूद उन्होंने अपने जुनून और मेहनत को कभी कम नहीं होने दिया। लगातार अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने राज्य स्तर पर छह बार बिहार का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में वह प्रतिष्ठित बैंकरहिल एफसी की ओर से खेल रहे हैं।
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 2018 में मिली पहचान

राजन की खेल प्रतिभा को पहचान तब मिली जब उन्होंने वर्ष 2018 में मोइनुलहक फुटबॉल चैंपियनशिप में बेतिया में भाग लिया। इसके बाद वर्ष 2019 में अंडर-19 प्रतियोगिता के लिए कोलकाता में चयनित होकर उन्होंने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। राजन केवल बिहार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी पहचान बनाई। हाल ही में बिहार सीनियर संतोष ट्रॉफी टीम में उनका चयन उनके खेल जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
 

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संतोष ट्रॉफी देश की प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शामिल है, जिसमें चयन होना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। राजन की यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। राजन कुमार की उपलब्धि उनके परिवार, गांव और पूरे सारण जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। स्थानीय लोग और खेल प्रेमी मानते हैं कि उनके जैसे खिलाड़ियों की सफलता से ग्रामीण युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिल रही है। सबसे खास बात यह है कि राजन वर्तमान में परसा स्थित अखंड ज्योति नेत्र अस्पताल में कार्यरत रहते हुए भी अपने खेल के सपनों को साकार करने में जुटे हैं। नौकरी और खेल के बीच संतुलन बनाकर उन्होंने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 
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