सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Saran News ›   Student Drowns to Death; Angry Locals Protest as Doctor Goes Missing from Hospital

Bihar: तालाब में डूबने से छात्र की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Mon, 25 May 2026 07:52 AM IST
विज्ञापन
सार

सारण के मशरक में तालाब में डूबने से केंद्रीय विद्यालय के 11 वर्षीय छात्र मनीष कुमार की मौत हो गई। इलाज के लिए सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टर नहीं मिले, जिससे ग्रामीण भड़क उठे। लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ सड़क जाम कर करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया।

Student Drowns to Death; Angry Locals Protest as Doctor Goes Missing from Hospital
पानी में डूबा छात्र - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार

सारण जिले के मशरक प्रखंड के पचखंडा गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में केंद्रीय विद्यालय के छात्र की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मशरक में चिकित्सक के अनुपस्थित रहने से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक की पहचान पचखंडा गांव निवासी मंटू शर्मा के 11 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। वह मशरक स्थित केंद्रीय विद्यालय में चौथी कक्षा का छात्र था। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मनीष गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए चंवर स्थित तालाब के पास पहुंच गया था। वहां कुछ बच्चे स्नान कर रहे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन


अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम बच्चे को लेकर सीएचसी मशरक पहुंची, लेकिन वहां कोई एमबीबीएस चिकित्सक मौजूद नहीं था। अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
विज्ञापन
Trending Videos


मरीजों को समय पर नहीं मिल पाता इलाज
ग्रामीणों का आरोप है कि सीएचसी मशरक में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और लापरवाही की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। लोगों ने बताया कि उस समय अस्पताल में केवल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से जुड़े आयुष चिकित्सक की ड्यूटी थी।

ये भी पढ़ें-  Bihar: कॉकरोच जनता पार्टी ने किसकी चिंता बढ़ाई?, प्रशांत किशोर ने किया बड़ा दावा; बोले- यह एक डिजिटल अभियान

आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम करके किया प्रदर्शन
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा पूर्व में जारी शिफ्टवार ड्यूटी रोस्टर के बावजूद अस्पताल में नियमित चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित नहीं की जा सकी। घटना से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

सूचना मिलने पर मशरक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed