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Bihar News: डॉक्टरों की देरी पड़ी भारी? जन्म से पहले ही थम गईं नवजात की सांसें, अस्पताल में हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 10:53 PM IST
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सार
Bihar News: सारण के एकमा सीएचसी में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। परिवार ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सारण जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एकमा प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर इलाज और देखभाल नहीं मिलने के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की जान चली गई।
प्रसव पीड़ा बढ़ने के बावजूद नहीं हुई समुचित देखभाल
मामला एकमा प्रखंड के लाकठ छपरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, संजीव कुमार राठौर अपनी पत्नी कृतिका कुमारी को प्रसव के लिए एकमा सीएचसी लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि महिला की प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ रही थी, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने समय रहते न तो सही जांच की और न ही चिकित्सकीय टीम ने गंभीरता दिखाई। परिजनों का कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय नहीं हुए, जिसके कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई।
मृत नवजात को देखकर बेसुध हुई मां
घटना के बाद प्रसूता कृतिका कुमारी की हालत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गई। वहीं परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। नौ महीने से जिस बच्चे के जन्म का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ये भी पढ़ें- Bihar: ‘मेरे दीवाने को मत सताओ, प्रेमी संग फरार युवती ने जारी किया वीडियो, बोली- हमने अपनी मर्जी से की शादी
अधिकारियों से नहीं हो सका संपर्क
घटना को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) डॉ. साजन कुमार और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) वाहिद अख्तर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और विभागीय उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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प्रसव पीड़ा बढ़ने के बावजूद नहीं हुई समुचित देखभाल
मामला एकमा प्रखंड के लाकठ छपरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, संजीव कुमार राठौर अपनी पत्नी कृतिका कुमारी को प्रसव के लिए एकमा सीएचसी लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि महिला की प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ रही थी, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने समय रहते न तो सही जांच की और न ही चिकित्सकीय टीम ने गंभीरता दिखाई। परिजनों का कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय नहीं हुए, जिसके कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई।
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मृत नवजात को देखकर बेसुध हुई मां
घटना के बाद प्रसूता कृतिका कुमारी की हालत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गई। वहीं परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। नौ महीने से जिस बच्चे के जन्म का परिवार इंतजार कर रहा था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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अधिकारियों से नहीं हो सका संपर्क
घटना को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) डॉ. साजन कुमार और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) वाहिद अख्तर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और विभागीय उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।