सब्सक्राइब करें

पहाड़ से लटका वो 500 साल पुराना गांव, जहां कभी विदेशियों का आना था प्रतिबंधित

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sat, 21 Dec 2019 06:11 PM IST
विज्ञापन
Al Sogara A Hidden village carved into mountain in Oman
अल सोगारा गांव - फोटो : Social media

ओमान की पहाड़ी चट्टानों में पिछले पांच सौ वर्षों से अधिक समय से एक दूरदराज बसी जनजाति एकाकी जीवन बिता रही है। मस्कट के बलुआ तटों से 195 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में ओमान का मैदानी इलाका चूना पत्थरों के एक ऊंचे पहाड़ों में तब्दील हो जाता है। 2980 मीटर ऊंचा यह पहाड़ जबाल-अल-अखदार या हरे पहाड़/ग्रीन माउंटेन के रूप में भी जाना जाता है। घुमावदार घाटियों और गहरे खड्डों से भरपूर यह देश का एक सुदूरवर्ती कोना है। सड़क खत्म होते ही आगे बढ़ने का तरीका या तो पैदल या खच्चर से या फिर ऑल टेरेन व्हिकल से रह जाता है। 20 किलोमीटर का टेढ़ा-मेढ़ा लेकिन खड़ी ढलानों वाला रास्ता चढ़ने के बाद एक खड्ड के उस पार पहाड़ी की कगार पर लगभग हवा में लटका हुआ घरों का एक छोटा सा समूह दिखाई देता है। यही अल सोगारा है। एक ऐसा दूरदराज वाला गांव जो पहाड़ियों को काटकर बनाया गया है और जहां लोग पिछले 500 वर्षों से अधिक समय से रह रहे हैं। 

Trending Videos
Al Sogara A Hidden village carved into mountain in Oman
अल सोगारा गांव - फोटो : Social media

हालांकि, ग्रीन माउंटेन को ओमान के एक अद्भुत परिदृश्य का दर्जा दिया जाता है लेकिन कुछ ही यात्री अल सोगारा पहुंच पाते हैं। वर्ष 2005 तक इस पहाड़ी श्रृंखला में विदेशियों का प्रवेश प्रतिबंधित था, क्योंकि ओमान सरकार की इस क्षेत्र में एक सैन्य टुकड़ी थी। इन दिनों इस छोटे से गांव में आने-जाने के लिए आपको अपना वाहन एक पत्थरीले मार्ग के अन्त में छोड़ना होता है और फिर खड्ड के तले से ऊपर उठती हुई चट्टानी सीढ़ियों की 20 मिनट की चढ़ाई करनी पड़ती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Al Sogara A Hidden village carved into mountain in Oman
अल सोगारा गांव - फोटो : Social media

इस क्षेत्र में इस तरह के कई सारे गांव हैं लेकिन अल सोगारा ही ऐसा है जो अब भी बसा हुआ है। मुख्य पहाड़ी शहर सेह कताना से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बसा अल सोगारा इस क्षेत्र का सबसे एकाकी गांव है और पूरे ओमान में सबसे सुदूरवर्ती बसे हुए प्रदेशों में से है। 14 साल पहले तक अल सोगारा में बिजली या फोन नहीं होते थे और इसकी सबसे पास की सड़क 15 किलोमीटर दूर थी। परम्परागत रूप से सामान की आवाजाही पास के निजवा और बिरकत अल मूज शहरों से खच्चरों द्वारा की जाती थी। लेकिन 2005 में, कुछ जुगाड़ू गांव वालों ने पत्थरीली सड़क तक खड्ड के ऊपर दो गड़ारियां लगाकर घाटी से सड़क तक की केबल सवारी तैयार कर ली जिससे सामान ढोया जा सके।

Al Sogara A Hidden village carved into mountain in Oman
अल सोगारा गांव - फोटो : Social media

स्थानीय बाशिंदों को ऐसा वक्त याद नहीं आता जब अल सोगारा में 45 से अधिक की आबादी रही हो। स्कूल न होने के कारण पुरानी पीढ़ियों ने घर पर ही लिखना-पढ़ना सीखा। लेकिन, 1970 के दशक से बच्चे 14 किलोमीटर दूर स्थित शहर सैक के स्कूल में जाने लगे। वहां जाने के लिए उन्हें गांव की संकरी सीढ़ी से उतरकर पहाड़ के दूसरी ओर तक पैदल जाना होता था जहां से एक कार उन्हें स्कूल तक छोड़ती थी। अल सोगारा में अपना पूरा जीवन बिताने वाले छात्र मोहम्मद नासेर अलशरीकी कहते हैं, 'हम यहां रहते हैं और हमें इस जगह से लगाव है. लोग भिन्न होते हैं लेकिन उन्हें मातृभूमि से हमेशा प्यार होता है।' 

विज्ञापन
Al Sogara A Hidden village carved into mountain in Oman
अल सोगारा गांव - फोटो : Social media

आज इस पहाड़ी बसेरे में अलशरीकी जनजाति के पांच परिवार रहते हैं। ये पूरा समूह जॉर्डन से 1000 वर्ष पहले यहां आया और समूचे ओमान में बस गया। यहीं पर जन्मे और पले-बढ़े सलेम अलशरीकी बताते हैं कि अल सोगारा में इस वक्त केवल 25 गांव वाले हैं, गांव छोटा है इसलिए रहने वाले कम हैं। सलेम और दूसरे बाशिंदों के मुताबिक ये सभी गांव वाले अल सोगारा में 500 साल से अधिक समय से पहले आए अपने एक पूर्वज की देन हैं। इतनी पीढ़ियों के बाद भी अलशरीकी समुदाय ने प्राचीन पद्धति से घर बनाने की कला बरकरार रखी है जिसमें या तो चट्टान और चिकनी मिट्टी इस्तेमाल होती थी या फिर चट्टान को काटकर ही बसेरे बनाए जाते थे। सलेम बताते हैं, 'हमारे पूर्वजों ने यहां आकर बाहर से भीतर की ओर दीवारें बनाई और पहाड़ों में ही रहे। अंदर से हमारे घर गुफाओं की तरह हैं। यदि दीवारें न हों तो आपको पहाड़ में एक गुफा ही दिखेगी।' 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed